अजय भट्टाचार्य
मुंबई में छात्रों को ५० ग्राम पाउडर की पुड़िया के नाम पर डराया गया। उत्तर प्रदेश के हरदोई की कासिमपुर पुलिस ने एक युवक को अवैध तमंचे सहित गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार अभियुक्त झोलाछाप डाक्टर है और तमंचा लगाकर घूमता था। जबकि कॉकरोच जनता पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता रत्ना सिंह ने इस पर गंभीर आरोप लगाया कि २० जुलाई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित ‘चलो संसद’ मार्च में शामिल रहे अंकित गौतम को पुलिस ने झूठे मुकदमे में फंसाया है। उसके खिलाफ शस्त्र अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। प्रधानजी ने बड़े मन से छात्र-छात्राओं को माफ भले कर दिया हो मगर दमन जारी है। कथनी और करनी का यह अंतर नया नहीं है।
कपट कलेवर
मनोविज्ञान में इसे मिररिंग बोलते हैं। सिर्फ वो बोलो जो वो सुनना चाहते हैं। बोलने में क्या है। यह कपट का एक रूप होता है। जब कार्यक्षेत्र या वैचारिक तल पर निष्प्रभावी होने पर अपने शिकार को फंसने के लिए दुष्ट इस साधन का प्रयोग करते हैं। भारत को सांस्कृतिक रूप से जर्जर करने के लिए अंग्रेजों द्वारा स्थापित इस संगठन को यह कपट विद्या विरासत में मिली है। लेकिन भारत अब इनके जाल को समझने लगा है और बाहर निकल रहा है। अखबार और टेलीविजन से समाज की मनोवृत्ति को नियंत्रित करने का इनका षडयंत्र उल्टा पड़ गया है। संस्थाओं के दुष्क्रियात्मक व्यवहार से उत्पन्न युवाओं की साहित्य विमुखता और सोचने के दृष्टिकोण में मौलिक परिवर्तन के परिणामस्वरूप भारत के युवा ने इनके चैनल देखना और अखबार पढ़ना बंद कर दिया। अब यह संगठन अपनी वैचारिकी और युवा के बीच उत्पन्न इस खाई को भरने की भरसक कोशिश में लगा है।
… फिर बुलाया क्यों
आगरा के फतेहाबाद में भाजपा की समरसता यात्रा के दौरान मंच पर बोलने का मौका न मिलने पर विधायक छोटेलाल वर्मा नाराज हो गए। संत रविदास की ६५०वीं जयंती के उपलक्ष्य में दखलीपुरा गांव में आयोजित कार्यक्रम में समय की कमी के चलते केवल कार्यक्रम संयोजक उमाशंकर माहौर को बोलने का मौका मिला। इसके बाद विधायक छोटेलाल वर्मा ने मंडल अध्यक्ष योगेश चौहान को जमकर खरी-खोटी सुनाई। विधायक ने कहा कि जब उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया जाना था तो बुलाया ही क्यों गया। घटना का ३८ सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
(लेखक वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तंभकार हैं तथा व्यंग्यात्मक लेखन में महारत रखते हैं।)
