सामना संवाददाता / मुंबई
इन दिनों स्पाइसजेट की स्थिति दयनीय हो चुकी है। आलम यह है कि कंपनी अपने स्टाफ को समय पर सैलरी भी नहीं दे पा रही है। स्पाइसजेट एयरलाइंस अपनी फ्लाइट्स भी समय पर नहीं उड़ा पा रही है। फ्लाइट्स की समय पर टेकऑफ कराने यानी ऑन टाइम परफॉर्मेंस (ओटीपी) के मामले में स्पाइसजेट अन्य भारतीय एयरलाइंस के मुकाबले सबसे फिसड्डी साबित हो रही है। एयरलाइंस अपनी १० फ्लाइट्स में से औसतन केवल चार फ्लाइट्स ही समय पर टेकऑफ करा पा रही है। बाकी छह फ्लाइट्स पायलटों और एयरक्राफ्ट की उपलब्धता नहीं होने के कारण डिले, रीशेड्यूल या वैंâसल हो रही हैं। इससे हर दिन सैकड़ों यात्री प्रभावित हो रहे हैं।
समय पर फ्लाइट्स को टेकऑफ नहीं करा पाने का ताजा उदाहरण ४ मई को बिहार के दरभंगा से मुंबई होते हुए अमदाबाद जाने वाली फ्लाइट में देखने को मिला। इस मामले में पहले स्पाइसजेट की फ्लाइट दरभंगा से देरी से उड़ी, फिर मुंबई एयरपोर्ट से शाम ४:३० बजे रवाना होने वाली फ्लाइट करीब १२ घंटे की देरी से ५ मई की सुबह लगभग ४ बजे अमदाबाद के लिए टेकऑफ कर सकी। इस दौरान यात्रियों को मुंबई एयरपोर्ट पर करीब दो घंटे तक फ्लाइट के अंदर एक तरह से बंधक बनाकर रखा गया था। उस समय यात्रियों ने मुंबई पुलिस को कॉल कर मदद मांगी थी। डेटा के मुताबिक, फ्लाइट्स के समय पर टेकऑफ कराने के मामले में स्पाइसजेट का ग्राफ गिरवâर ४१.८० पर आ गया है। यह पिछले कुछ समय में स्पाइसजेट का सबसे खराब प्रदर्शन बताया जा रहा है। वहीं इंडिगो, एअर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस, एलायंस एयर और अकासा एयर का ओटीपी स्पाइसजेट से बेहतर रहा।
