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निर्माणाधीन टावर की २४वीं मंजिल से चॉल पर गिरा सीमेंट ब्लॉक!..बिल्डर की कथित लापरवाही के कारण ४ लोग घायल

सुरेश गोलानी / भायंदर

शहर के अधिकतर निर्माण स्थल पर बिल्डरों द्वारा खुलेआम सुरक्षा नियमों के प्रति बरती जा रही लापरवाही और मीरा-भायंदर महानगरपालिका प्रशासन की अनदेखी ने सोमवार को चार लोगों को अस्पताल पहुंचा दिया है। घटना काशीमीरा के मीरा गावठण इलाके में स्थित विघ्नहर्ता नामक निर्माणाधीन बहुमंजिली इमारत की है। जहां सोमवार सुबह तेज बरसात के दौरान २४वीं मंजिल पर रखा हुआ भारी भरकम सीमेंट ब्लॉक अचानक गिर गया। यह ब्लॉक इमारत की बगल में स्थित श्री हरिधाम वेलफेयर सोसायटी चॉल के छप्पर को चीरता हुआ एक घर पर गिरा। इस घटना में घर के अंदर मौजूद चार लोगों को गंभीर चोटें लगने की खबर है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जख्मी लोगों की पहचान प्रियंका सतीश चौबे, सतीश चौबे, धर्मेंद्र सोनी और संतोष जाधव के रूप में हुई है। प्रियंका चौबे का इलाज ऑर्बिट अस्पताल में चल रहा है, जबकि अन्य तीन घायलों को भायंदर-पश्चिम स्थित पंडित भीमसेन जोशी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल, पुलिस घटना के पीछे के सटीक कारणों का पता लगाने में जुटी है। ज्ञात हो कि वायु प्रदूषण पर काबू पाने और लोगों की सुरक्षा हेतु पिछले साल मनपा ने कई दिशा-निर्देशों को पारित किया था, जिसमें निर्माण सामग्री की ढके हुए वाहनों (वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र वाले) में आवाजाही, निर्माणाधीन परियोजनाओ के चारों तरफ ऊंची मेटल शीट की बाउंड्री स्थापित करना और सुरक्षा नेट जाली का अनिवार्य उपयोग जैसे जरूरी मुद्दों का समावेश था। हालांकि, शहर के ज्यादातर बिल्डर अपने रसूख और राजनीतिक संबंधों के बल पर इन सुरक्षा नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाते हुए दिख रहे हैं, परिणाम स्वरूप राह चलते / आस-पास रहनेवाले नागरिक, वाहन चालक और निर्माण स्थलों पर काम करनेवाले मजदूरों पर जानलेवा खतरा बना रहता है।
मनपा आयुक्त के आवास पर भी बरसी थी निर्णाण सामग्री
गौरतलब है कि शहर के निर्माण स्थलों पर विकासकों द्वारा खुलेआम हो रही नियमों की अनदेखी ने कुछ महीने पहले मनपा आयुक्त राधाबिनोद शर्मा के सरकारी आवास पर भी दस्तक दी थी। मनपा आयुक्त के मीरा रोड के कनकिया इलाके में स्थित बंगले (आधिकारिक आवास) में अचानक ही प्लास्टर की बरसात होने लगी। ज्ञात हो की बंगले के ठीक बगल में चल रहे स्काई हाइट्स नामक ३६ मंजिला टावर के निर्माणाधीन कंस्ट्रक्शन साइट पर बिल्डर ने प्लास्टर का काम शुरू किया था। प्रक्रिया में सुरक्षा मानकों की कथित अनदेखी के कारण प्लास्टर में इस्तेमाल होनेवाली सामग्री आयुक्त आवास के छत और लॉन पर बरसने लगे थे। जब आयुक्त का बांग्ला ही सुरक्षित नहीं है तो आम नागरिकों की हालत का सिर्फ अंदाजा ही लगाया जा सकता है।

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