मुख्यपृष्ठनए समाचारमंगल का तड़का...टमाटर फिर लाल, प्याज ने रुलाया, रसोई का बजट बिगड़ा!

मंगल का तड़का…टमाटर फिर लाल, प्याज ने रुलाया, रसोई का बजट बिगड़ा!

मनमोहन सिंह

आज का मुद्दा: देशभर की प्रमुख मंडियों में मानसूनी बारिश और फसलों के नुकसान के कारण हरी सब्जियों, टमाटर और प्याज की आवक (सप्लाई) में ३५ज्ञ् से ४०ज्ञ् तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है। थोक मंडियों में माल कम पहुंचने से खुदरा बाजारों में सब्जियों के दाम अचानक आसमान छूने लगे हैं।
जेब पर असर: महंगाई के इस तड़के का सीधा असर आम आदमी की थाली पर पड़ा है, जहां से जरूरी पोषण अब गायब होता जा रहा है। आलू और प्याज जैसी बुनियादी चीजें, जो हर वर्ग की रसोई का मुख्य हिस्सा हैं, अब आम आदमी की पहुंच से दूर हो रही हैं। पिछले एक हफ्ते में टमाटर के दाम १६० प्रतिशत और प्याज के दाम १२० प्रतिशत तक बढ़ चुके हैं, जिसने मध्यमवर्गीय परिवारों के मासिक बजट को पूरी तरह से बिगाड़ दिया है।
सब्जियों के दाम
टमाटर: भाव ५० – ६० रु/ किलो
प्याज: भाव ४० – रु ५० / किलो
आलू: भाव ४० – रु ५० / किलो
तौरई / लौकी: भाव ५० – रु ६०/ किलो
भिंडी : ७० – रु८० / किलो
हरा धनिया (एक गड्डी) भाव ३० – ४०
पालक (एक गड्डी) भाव ३० – रु ४०
गृहणी का दर्द:
पनीर से महंगी सब्जी!
‘पहले जो हम थैला भरकर सब्जियां लाती थीं, अब बाजार जाकर सिर्फ पाव या आधा किलो में काम चलाना पड़ रहा है। सब्जियों के दाम इस कदर बढ़ गए हैं कि पनीर से महंगी तो अब आलू, तोरई और लौकी हो गई है। समझ नहीं आता कि रोज के खाने में क्या बनाएं।’
– श्रीमती किरण सिंह, स्थानीय गृहिणी
प्याज रुलाएगा बुरी तरह!
‘बे मौसम बारिश से वैसे फसल बर्बाद हो चुकी है, लगातार हो रही बारिश से तकरीबन ३० फीसदी प्याज बर्बाद हो चुकी हैं। आनेवाले दिनों में २० प्रतिशत और खत्म हो जाएगा। परिवहन और स्टोरेज की समस्या है। प्याज की कीमत लगातार बढ़ेगी। ८० रु तक इसकी कीमत पहुंच सकती है!’
– श्याम नरवडे, आलू प्याज के थोक विक्रेता, एपीएमसी मार्केट

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