जेदवी / मुंबई
मुंबई में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने सोमवार को हवाई सेवाओं की पूरी व्यवस्था की पोल खोल दी। खराब दृश्यता, जलभराव और ट्रैफिक अव्यवस्था के चलते छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उड़ान संचालन बुरी तरह चरमरा गया। सुबह ११.३० बजे तक १७ उड़ानें रद्द हो चुकी थीं, जबकि २१७ से अधिक उड़ानें देरी से संचालित हो रही थीं। सबसे अधिक असर इंडिगो की सेवाओं पर देखने को मिला, जिससे हजारों यात्रियों को घंटों तक परेशानी झेलनी पड़ी। हर मानसून से पहले किए जानेवाले सरकारी दावों की हकीकत एक बार फिर बारिश में बहती नजर आई।
रद्द हुई १७ उड़ानों में इंडिगो की ९ और अकासा एयर की ४ उड़ानें शामिल रहीं। वहीं देरी से चल रही उड़ानों में अकेले इंडिगो की १११, स्पाइसजेट की १४ और एयर इंडिया एक्सप्रेस की १३ उड़ानें थीं। तेज हवाओं और बेहद खराब दृश्यता के कारण कई विमानों को हवा में ही ‘गो-अराउंड’ करना पड़ा, जबकि कुछ उड़ानों को दूसरे हवाई अड्डों की ओर डायवर्ट करना पड़ा। इससे यात्रियों का समय, पैसा और धैर्य,तीनों की परीक्षा होती रही।
सड़कों पर जलजमाव लंबा जाम
रविवार को रनवे करीब एक घंटे तक बंद रहने के बाद सोमवार को भी हालात सामान्य नहीं हो सके। उड़ानों के कॉरिडोर में भारी दबाव बना रहा। दूसरी ओर एयरपोर्ट तक पहुंचने वाले वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे और टर्मिनलों की ओर जाने वाली सड़कों पर जलभराव और लंबा ट्रैफिक जाम यात्रियों के लिए दोहरी मुसीबत बन गया। सवाल उठ रहा है कि हर साल करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद मुंबई की व्यवस्थाएं पहली तेज बारिश में ही क्यों जवाब दे देती हैं? भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मुंबई और आसपास के क्षेत्रों के लिए रेड/ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
