सामना संवाददाता / मुंबई
इतिहास में दर्ज है कि हिंदू मंदिरों को मुगलों ने लूटा, औरंगजेब ने लूटा और महमूद गजनवी ने लूटा। भारतीय जनता पार्टी ने खुद को मंदिरों का सबसे बड़ा रक्षक बताकर वोट हासिल करने की कोशिश की, लेकिन अब जिस तरह मंदिरों में लूट हो रही है, वह बेहद गंभीर है। इसके साथ ही शिवसेना नेता व सांसद संजय राऊत ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि चाहे राम मंदिर हो, केदारनाथ, बद्रीनाथ या दक्षिण भारत के मंदिर, इन मंदिरों को लूटने वाले भारतीय जनता पार्टी से जुड़े लोग हैं। शिवसेना ने इसके खिलाफ शंखनाद कर दिया है। शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में दादर स्थित हनुमान मंदिर के सामने हुआ राम रक्षा आंदोलन केवल एक दिन का आंदोलन नहीं था, बल्कि यह पूरे महाराष्ट्र में दावानल की तरह फैलने वाला आंदोलन बनेगा।
राम मंदिर ट्रस्ट को भंग करो!
राम लला मंदिर में हुई चंदा चोरी को लेकर राम भक्तों में भारी आक्रोश है। जांच का दिखावा करने के बजाय सबसे पहले पूरे राम मंदिर ट्रस्ट को भंग किया जाए और ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय सहित पूरे ट्रस्ट के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए। यह मांग शिवसेना सांसद संजय राऊत ने की है।
संजय राऊत ने आरोप लगाते हुए कहा कि इस मामले में पांच से अधिक लोग शामिल हैं, जिन्होंने भगवान राम को लूटा, देश को लूटा और लोगों की आस्था व विश्वास के साथ विश्वासघात किया। इसके बावजूद न तो केंद्रीय गृह मंत्री, न प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, न योगी आदित्यनाथ, न पार्टी अध्यक्ष और न ही राष्ट्रीय अध्यक्ष की ओर से कोई बयान आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि देश की न्याय व्यवस्था में अभी भी उम्मीद की कुछ किरणें दिखाई देती हैं और उनका स्वागत किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका में आज भी कुछ रामशास्त्री मौजूद हैं, जिसका उदाहरण न्यायमूर्ति माधव जामदार ने दिया है इसलिए वर्तमान परिस्थितियों में उनका अभिनंदन करना नागरिकों का कर्तव्य है।
३५० करोड़ रुपए की प्रतिमा…३,००० करोड़ रुपए की बताई
गुजरात में स्थापित सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा की वास्तविक लागत लगभग ३५० करोड़ रुपए थी, जबकि उसे लगभग ३,००० करोड़ रुपए का बताया गया। शेष धनराशि किसने हड़प ली? सरदार पटेल की प्रतिमा के निर्माण में भी भ्रष्टाचार हुआ। जब भगवान श्रीराम, माता सीता और सरदार पटेल तक को नहीं छोड़ा गया तो ऐसे लोगों से और क्या उम्मीद की जा सकती है।
