वारदात से गुस्साए पुलिस कप्तान ने कोतवाल व दो दरोगाओं को किया सस्पेंड
विक्रम सिंह/सुल्तानपुर
यूपी में ‘योगीराज’ का जो भी ‘भौकाल’ हो! फिलहाल सुल्तानपुर में तो अपराधियों पर रत्ती भर भी असर नजर नहीं आता। अपराध है कि थमने का नाम नहीं ले रहा। आए दिन हत्या सहित तमाम गंभीर वारदातें हो रही हैं जिससे सुल्तानपुर जिले में पुलिस के इकबाल पर सवाल खड़े होने लगे हैं। ताजातरीन वारदात चांदा थानांतर्गत साढ़ापुर की है। जहां बाइक से अपने चचेरे भाई को लाने रेलवेस्टेशन जा रहे युवक को सरेआम चौराहे पर अराजकतत्वों ने जबरन घसीटकर अर्टिगा कार में बिठा लिया और अगवा कर उसे एक स्कूल प्रांगण में ले गए। जहां पर उसे पहले पहले दौड़ा दौड़ाकर पीटा और फिर देर रात हत्या कर शव को गोमती नदी में फेंक दिया। सीसी कैमरे में कैद युवक को अगवाकर पीटने की वारदात से हमलावर आरोपियों की शिनाख्त तो पुलिस ने कर ली लेकिन उन्हें दबोचने में देरी कर दी। नतीजतन हमलावरों ने युवक की निर्मम हत्या कर डाली और शव को नजदीकी इब्राहिमपुर घाट पर गोमती नदी में फेंक दिया।
इस दुस्साहसिक आपराधिक घटना ने लोगों में दहशत पैदा कर दी है और सीएम योगी के जीरो एरर के दावों पर भी बट्टा लगा दिया है। घटनाक्रम के अनुसार चांदा थाना कोतवाली क्षेत्रांतर्गत साढ़ापुर गांव निवासी अमन यादव (२४) बीएससी (कृषि) का छात्र था। शनिवार की शाम चचेरे भाई को रिसीव करने के लिए चांदा जाने के लिये निकला था। इसी दौरान ईशीपुर अरजो के पास कार सवार ५-६ लोग उसे जबरन घसीटकर एक स्कूल के मैदान में ले गए। वहां उसे दौड़ा-दौड़कर पीटा। आसपास मौजूद लोगों के शोर मचाने पर बदमाश अमन को कार में जबरन बैठाकर फरार हो गए। कई थानों की पुलिस ने शनिवार रात को ही बदमाशों की तलाश में सर्च अभियान चलाया, लेकिन उनका पता नहीं चल पाया। इसके बाद रविवार की सुबह लोगों ने गोमती नदी के इब्राहिमपुर घाट के पास युवक का शव देखकर पुलिस को इसकी जानकारी दी।
घटना का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। जिसकी मदद से सभी आरोपियों की पहचान हुई। जिनमें दो आरोपी मयंक और शिवम को पहले पुलिस ने गिरफ्तार किया। इसके बाद रविवार की रात फरार आरोपी दीपक यादव राका को भी एनकाउंटर कर लंगड़ा करने के बाद दबोच लिया। हालांकि इस वारदात से पुलिस की सुस्ती और लापरवाही बेपर्दा हो गई। चांदा थाने की पुलिस की जमकर छीछालेदर हुई। जिससे गुस्साए पुलिस कप्तान कुंवर अनुपम सिंह ने चांदा थाने के एसएचओ दीपेंद्र विक्रम सिंह सहित दो दरोगा व पांच पुलिसकर्मी सस्पेंड कर दिये हैं। वहीं वारदात को लेकर दिवंगत युवक के परिजनों में जबरदस्त गुस्सा है। २४ घंटे से ज्यादा बीत चुके हैं। दूसरे दिन भी परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार नहीं किया। सभी शोकाकुल परिजन आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाने की मांग कर रहे हैं।
