मुख्यपृष्ठस्तंभपाकिस्तान, ईरान और पीओके में हिंसा से बढ़ा तनाव

पाकिस्तान, ईरान और पीओके में हिंसा से बढ़ा तनाव

पाकिस्तान की सेना द्वारा अफगानिस्तान में किए गए हमले में ११ मासूम बच्चों सहित १३ लोगों की मौत हो गई। अफगान अधिकारियों के अनुसार, यह हमला रात के अंधेरे में किया गया। हमले में कई लोगों के घायल होने की भी सूचना है। तालिबान प्रशासन ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे अफगानिस्तान की संप्रभुता पर हमला बताया है। पाकिस्तान की ओर से ऐसे हमलों को आमतौर पर आतंकी ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई बताया जाता रहा है, लेकिन अफगान पक्ष का दावा है कि इसमें आम नागरिक निशाना बने हैं।
इसी बीच खाड़ी क्षेत्र में भी तनाव और बढ़ गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर दावा किया कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास गश्त कर रहे एक अत्याधुनिक अमेरिकी अपाचे हेलिकॉप्टर को मार गिराया। ट्रंप के अनुसार, हेलिकॉप्टर में सवार दोनों पायलट सुरक्षित हैं और उन्हें कोई चोट नहीं आई है। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस हमले का जवाब देगा। इसके बाद अमेरिका ने ईरानी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की बात कही, जबकि ईरान की ओर से भी अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आई हैं।
दूसरी ओर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के रावलकोट क्षेत्र में हालात गंभीर बने हुए हैं। शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा अंधाधुंध फायरिंग किए जाने की खबर है। कुछ रिपोर्टों में ३० से अधिक लोगों की मौत और २०० से ज्यादा लोगों के घायल होने की बात कही गई है, जबकि अन्य रिपोर्टों में मृतकों की संख्या इससे कम बताई गई है। कुछ अपुष्ट दावों में मृतकों की संख्या १०० से अधिक बताई जा रही है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
ये झड़पें तब तेज हुईं जब पाकिस्तान ने संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी यानी जेएएसी पर प्रतिबंध लगा दिया। जेएएसी पीओके में आर्थिक, बिजली, सब्सिडी और राजनीतिक अधिकारों से जुड़ी मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहा है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पाकिस्तान सरकार उनकी मूलभूत शिकायतों को सुनने के बजाय दमन का रास्ता अपना रही है।

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