-संपत्ति कर के साथ टीएमटी बस किराया भी बढ़ाने का प्रस्ताव
-१७ अगस्त की आमसभा में खुलेगा ‘करवृद्धि’ का पिटारा
सामना संवाददाता / ठाणे
आर्थिक संकट से जूझ रही ठाणे महानगरपालिका अब अपनी तिजोरी भरने के लिए ठाणेकरों की जेब पर दोहरी मार करने की तैयारी में है। एक तरफ संपत्ति कर बढ़ाने की कवायद शुरू है, तो दूसरी तरफ ठाणे परिवहन सेवा (टीएमटी) के बस टिकट के किराए में भी बढ़ोतरी का प्रस्ताव सामने आया है। यानी आने वाले दिनों में ठाणेकरों को घर के टैक्स से लेकर रोजाना के बस सफर तक, हर मोर्चे पर अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ सकता है।
ठाणे महानगरपालिका के आय-व्यय का गणित पिछले कुछ वर्षों से लगातार बिगड़ता जा रहा है। बढ़ते खर्च और अपेक्षित राजस्व नहीं मिलने के कारण ठाणे मनपा प्रशासन आर्थिक दबाव में है। इसी संकट से निपटने के लिए अब आम नागरिकों पर अतिरिक्त आर्थिक भार डालने का रास्ता चुना जा रहा है। संपत्ति कर और टीएमटी किराया बढ़ाने से ठाणे मनपा की आय बढ़ाने का प्रशासन का प्रयास है।
दोनों करवृद्धि से ठाणेकरों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि, संपत्ति कर में कितनी बढ़ोतरी होगी और टीएमटी के टिकट कितने महंगे होंगे, इसका अंतिम आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है। प्रशासनिक स्तर पर प्रस्ताव की रूपरेखा को अंतिम रूप देने का काम जारी है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह प्रस्ताव १७ अगस्त को होने वाली ठाणे महानगरपालिका की आमसभा के विषय-पटल पर रखा जाएगा। इसलिए इस प्रस्ताव पर राजनीतिक दलों और नगरसेवकों की भूमिका भी निर्णायक होगी। पहले से ही महंगाई, ईंधन और रोजमर्रा के बढ़ते खर्च से परेशान नागरिकों के सामने अब ‘टैक्स बनाम सफर’ का नया संकट खड़ा हो सकता है। सवाल यह है कि ठाणे मनपा अपनी आर्थिक गड़बड़ी का बोझ आखिर कब तक ठाणेकरों की जेब पर डालती रहेगी? क्या ठाणे मनपा प्रशासन खर्च पर लगाम लगाएगा या फिर जनता की जेब ही सबसे आसान निशाना बनी रहेगी?
जनता की जेब पर मनपा की नजर!
ठाणे मनपा की बिगड़ती आर्थिक स्थिति के बीच प्रशासन ने आय बढ़ाने के लिए करवृद्धि का रास्ता चुना है। संपत्ति कर और टीएमटी किराया बढ़ाने के प्रस्ताव पर अब राजनीतिक दलों और नगरसेवकों की नजर होगी। सवाल सीधा है—मनपा अपनी फिजूलखर्ची रोकेगी या हर बार जनता की जेब को ही आसान निशाना बनाएगी?
