-शेलके की मौत हादसा नहीं, साजिश है…विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना
सामना संवाददाता / मुंबई
नासिक के ढोंगी बाबा अशोक खरात मामले के गवाह की संदिग्ध मौत ने पूरे मामले को रहस्य और सियासी सस्पेंस में धकेल दिया है। यह मामला अब सिर्फ हादसा नहीं, बल्कि इसमें किसी बड़े षड्यंत्र की आशंका खुलकर सामने आ रही है। अशोक खरात से जुड़े इस मामले में जेल में ही राज खत्म कर दिए जाने जैसे गंभीर आरोपों ने हालात और भी विस्फोटक बना दिए हैं।
विपक्ष का दावा है कि इस पूरे प्रकरण में बड़े नामों की एंट्री हो सकती है, जिन्हें बचाने के लिए सच को दबाने की कोशिश की जा रही है। इसी के चलते सरकार की भूमिका, जांच की दिशा और गवाहों की सुरक्षा पर तीखे सवाल उठ रहे हैं, जिससे राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। भोंदू बाबा अशोक खरात के जमीन घोटाले के गवाह, शिवनिका ट्रस्ट के उपाध्यक्ष और शिर्डी के नामी बिल्डर डॉ. जितेंद्र गणपतराव शेलके की मौत हादसा नहीं, बल्कि साजिश है। यह आरोप कांग्रेस नेता नाना पटोले ने लगाया है। उन्होंने कहा कि वाहन चालक कुछ भी बयान दे, लेकिन यह स्पष्ट रूप से एक सुनियोजित हत्या है। शेलके को ही निशाना क्यों बनाया गया और अन्य लोगों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई, यह बड़ा सवाल है।
‘व्यापमं घोटाले’ जैसी साजिश का आरोप
पटोले ने कहा कि डॉ. शेलके का यह कोई सामान्य हादसा नहीं, बल्कि साजिश है, क्योंकि उनके पास अहम जानकारी थी। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर उन्हें ही क्यों टारगेट किया गया? उन्होंने व्यापमं घोटाला का जिक्र करते हुए कहा कि उस मामले में भी कई लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। नाना पटोले के इन आरोपों के बाद इस मामले में शक की सुई मंडराने लगी है।
