मुख्यपृष्ठखबरेंराज्य में माहौल खराब, आदित्य ठाकरे की सरकार पर उठे सवाल

राज्य में माहौल खराब, आदित्य ठाकरे की सरकार पर उठे सवाल

सामना संवाददाता / मुंबई
एक तरफ राज्य में पर्यावरण का भारी नुकसान हो रहा है तो वहीं दूसरी तरफ सरकार केवल यह दिखाने में व्यस्त है कि वह पर्यावरण के प्रति कितनी सजग है। इस तरह का तीखा तंज कसते हुए शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता, युवासेनाप्रमुख व विधायक आदित्य ठाकरे ने कहा कि राज्य में पर्यावरण की ऐसी की तैसी हो गई है। इसी के साथ ही उन्होंने पर्यावरण को हुए नुकसान की एक लंबी सूची भी पेश करते हुए सवालों की झड़ी लगा दी है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए आदित्य ठाकरे ने लिखा है कि आज विश्व पर्यावरण दिवस है। इस कार्यक्रम को मनाने के लिए सरकार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से कई निमंत्रण भी आए होंगे, लेकिन जो पर्यावरण संबंधी गंभीर संकट आज हमारे सामने खड़े हैं, उन पर सरकार से सवाल पूछने की किसी में हिम्मत है क्या? पर्यावरण दिवस पर सरकार सिर्फ इवेंट करती है, जो दिखावा मात्र होता है।
आदित्य ठाकरे ने मुद्दा उठाया कि मुंबई के लिए तैयार किया गया क्लाइमेट एक्शन प्लान लगभग कचरे की टोकरी में डाल दिया गया है। ताडोबा-अंधारी राष्ट्रीय उद्यान में खनन को मंजूरी दे दी गई है। लोखंडवाला तालाब को अभी तक वेटलैंड घोषित नहीं किया गया, वहीं मुंबई में पेड़ों की कटाई जोरों पर है। धारावी पुनर्विकास प्रोजेक्ट में माहिम का नैसर्गिक उद्यान भी शामिल कर लिया गया है। वेताल टेकड़ी प्रकल्प अभी तक रद्द नहीं हुआ है। अजनी जंगल पर सरकारी बुलडोजर की तलवार अब भी लटक रही है। पुणे में ‘नदी विकास’ के नाम पर बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। तानसा अभ्यारण्य में बांध निर्माण के लिए ५ लाख पेड़ों की कटाई की जाएगी। उत्तर मुंबई में पुल निर्माण के लिए ९,००० मैंग्रोब्ज के पेड़ काटे जाएंगे, जिसस्ो कुल ६०,००० मैंग्रोब्ज पर असर पड़ेगा। पर्यावरण बचाने की ‘माझी वसुंधरा योजना’ अब हाशिए पर चली गई है।

 

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