सामना संवाददाता / नई दिल्ली
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कल एक एक कार्यक्रम के दौरान रुपए में लगातार गिरावट की चिंताओं पर कहा कि रुपया अपना लेवल खुद ही बना लेगा। इसे लेकर ज्यादा चिंता करने की बात नहीं है। उन्होंने यह बात ऐसे वक्त में बोली, जब डॉकल के मुकाबले रुपया लुढ़क कर ९० के ऊपर जा चुका है। डॉलर के मुकाबले रुपए में आई इस गिरावट पर एक सवाल का जवाब देते हुए सीतारमण ने कहा कि जब विपक्ष में रहते हुए हमारी पार्टी ने रुपए की कमजोरी को लेकर मुद्दा उठाया था, तब हालात अलग थे। उस दौरान यूपीए सत्ता में थी, उन्होंने विस्तार से बताया कि उन पिछली चर्चाओं के बाद आज आर्थिक स्थिति बदल चुकी है। सीतारमण ने आर्थिक इंफ्रा में बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि मैं बहुत सी बातें कहने के लिए उत्सुक हूं। रुपया, मुद्रा विनिमय दरें वगैरह, लेकिन ये कुछ ज्यादा ही संवेदनशील हैं। यूपीए के समय महंगाई दर बहुत ज्यादा थी, अर्थव्यवस्था नाजुक थी और जब आपकी करेंसी पर भी असर पड़ता है तो कोई भी इससे प्रभावित होने से नहीं बचता। करेंसी वैल्यूएशन में इकोनॉमी इंप्रâा के महत्व को समझाते हुए सीतारमण ने रुपए को व्यापक आर्थिक संकेतकों के संदर्भ में देखने का आग्रह किया।
