सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र में अतिवृष्टि और बाढ़ ने कहर मचाया है। खेत बर्बाद, घर उजड़े, पशुधन बह गया और ग्रामीण अर्थव्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है, लेकिन सरकार अभी भी आंकड़ों की बाजीगरी और दिखावटी दौरों में उलझी हुई है। ऐसे माहौल में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता शरद पवार ने सरकार पर करारा प्रहार करते हुए सुझाव दिए हैं। शरद पवार ने सरकार को ललकारते हुए कहा कि किल्लारी का भूकंप हो या सूखा, महाराष्ट्र ने आपदाओं का सामना किया है। उस समय कड़े पैâसले लेकर हमने लोगों को बचाया। लेकिन आज की सरकार केवल बातें कर रही है। अब और बर्दाश्त नहीं होगा। तुरंत ठोस कदम उठाओ, वरना जनता का आक्रोश सरकार को डुबो देगा।
शरद पवार ने राज्य के आपदा प्रबंधन को विफल बताते हुए सीएम फडणवीस को तुरंत राहत कार्य के लिए कदम उठाने के सुझाव दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को पूरी तरह कर्जमाफी दो, आधे-अधूरे उपाय अब काम नहीं आएंगे। नेताओं का प्रभावित इलाकों में दिखावटी दौरा प्रशासन पर बोझ डालता है और राहत कार्य रुक जाता है। उन्होंने चेताते हुए कहा कि सत्ता-पक्ष के नेता नौटंकी बंद करें। इतने बड़े पैमाने पर तबाही हुई है कि पंचनामे समय पर पूरे करना असंभव है।
