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अडानी पर फिर मेहरबान हुई सरकार…नेशनल पार्क और तुंगारेश्वर अभयारण्य की १.१९ हेक्टेयर संरक्षित भूमि हस्तांतरित!

-बिजली वितरण नेटवर्क स्थापित करेगी कंपनी

सामना संवाददाता / मुंबई

पश्चिमी उपनगर बोरीवली स्थित संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान और पालघर जिले के वसई स्थित तुंगारेश्वर अभयारण्य में १.१९ हेक्टेयर संरक्षित वन भूमि अडानी समूह को हस्तांतरित की जाएगी। राष्ट्रीय वन्यजीव महासंघ ने पालघर, ठाणे और मुंबई उपनगरों में बिजली वितरण नेटवर्क स्थापित करने के लिए अडानी इलेक्ट्रिसिटी मुंबई इंप्रâा लिमिटेड को यह भूमि आवंटित करने को पहले ही मंजूरी दे दी है और अब इस वन भूमि पर काम करने के लिए अंतिम मंजूरी दे दी गई है।
कंपनी ने एक सार्वजनिक सूचना के माध्यम से यह जानकारी दी है। अब सवाल यह उठने लगे हैं कि बिजली वितरण नेटवर्क स्थापित करने के लिए अडानी कंपनी को और वन भूमि क्यों दी गई? गौरतलब हो कि धारावी परियोजना के लिए मुंबई में विभिन्न प्राधिकरणों की भूमि अडानी कंपनी को दिए जाने पर जहां विवाद चल रहा है, वहीं अब संरक्षित वन क्षेत्र की भूमि भी बिजली वितरण के लिए इस कंपनी को दी जाएगी।
केंद्र सरकार ने एआईएमआईएल को संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान और तुंगारेश्वर वन्यजीव अभयारण्य जैसे संवेदनशील क्षेत्रों से होकर १,००० मेगावाट की उच्च-वोल्टेज बिजली लाइन बिछाने की अनुमति दे दी है। केंद्रीय वन, पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और वन्यजीव मंत्रालय ने इस साल फरवरी में इसके लिए अनुमति दी थी। इसके अलावा उच्च न्यायालय ने भी १२ फरवरी को अनुमति दे दी थी। इसके बाद राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड ने संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान और तुंगारेश्वर अभयारण्य के कुल २२.३११८ हेक्टेयर वन क्षेत्र में से १.१९०४ हेक्टेयर संरक्षित भूमि कंपनी को हस्तांतरित करने की मंजूरी दे दी है। अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक, वन्यजीव (पश्चिम) ने भी कंपनी को १ सितंबर से इस वन भूमि पर काम करने की अनुमति दे दी है। कंपनी द्वारा इस संबंध में एक सार्वजनिक सूचना प्रकाशित किए जाने के बाद अब इस मामले में कई सवाल उठने लगे हैं।

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