-फडणवीस के राज में जेल भी सुरक्षित नहीं…गैंगवार को मिटाने गई थी पुलिस, खुद पिट गई
फिरोज खान / मुंबई
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के साथ ही गृह मंत्रालय का प्रभार संभाल रहे देवेंद्र फडणवीस के राज में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। उनके कार्यकाल में मुंबई पुलिस का हाल बुरा होता नजर आ रहा है। छोटा अपराधी हो या बड़ा हर कोई खाकी वर्दी पर अपना रोब जमाता नजर आ रहा है। हाल ही में हुई तीन घटनआओं में गली के नशेड़ियों ने बेखौफ होकर पुलिसकर्मियों पर चाकू से हमला कर बुरी तरह घायल कर दिया। मगर अब तो हद ही हो गई। आर्थर रोड जेल में भी कैदियों ने निडर होकर पुलिस वालों पर ही हमला कर दिया। जेल के भीतर पुलिसवालों की इस पिटाई से यह साफ हो गया है कि अब फडणवीस राज में जेल भी सुरक्षित नहीं है। जेल में इस हमले की गंभीरता का अंदाज इसी से लगाया जा सकता है कि पुलिसकर्मी बुरी तरह लहुलुहान हो गया। यह तो अच्छा हुआ कि जेल में मौजूद अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पंहुच गए और उक्त पुलिस वाले को कैदियों के चंगुल से छुड़ा लिया वर्ना उसका और भी बुरा हाल होता।
खतरनाक है आर्थर रोड जेल का बैरक नंबर-२
आर्थर रोड जेल का बैरक नंबर दो इस समय चर्चा में है। असल में इस बैरक में कैदियों ने एक पुलिस वाले की पिटाई कर दी। ऐसी चर्चा है कि यह बैरक खतरनाक है। वहां खूंखार कैदी रखे गए हैं, जो मौका मिलने पर पुलिस वालों पर हमला करने से बाज नहीं आते। पूर्व में भी ऐसी घटनाएं जेल में हो चुकी हैं, मगर मामले को बाहर आने नहीं दिया जाता और जेल के भीतर ही दबा दिया जाता है।
मिली जानकारी के अनुसार, इस बार जेल में कैदियों ने जिस पुलिस वाले की पिटाई की, वह बुरी तरह से घायल हो गया। इसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा। पीड़ित पुलिस वाले का नाम राकेश चव्हाण है। असल में जेल की बैरक नंबर दो में कैदियों के दो गिरोहों के बीच राडा हो गया था। चव्हाण को जब यह बात पता चली तो वह कैदियों के बीच हो रहे झगड़े को रोकने के लिए पंहुचा। तब तक दोनों गुट के कैदियों ने चव्हाण पर हमला बोल दिया और बुरी तरह पीटने लगे। चव्हाण को बचाने अन्य पुलिसकर्मी वहां पंहुचे तो कैदियों ने उन सभी को अपनी चपेट में ले लिया। वैâदियों के हमले में चव्हाण गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी दाहिनी आंख बुरी तरह चोटिल हो गई, जबकि अन्य पुलिस कर्मियों को मामूली चोटें आई हैं। घायल अधिकारी राकेश चव्हाण की शिकायत पर कैदियों के खिलाफ एन.एम. जोशी मार्ग पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है।
पुजारी पर हुआ था हमला
आर्थर रोड जेल का नाम पहले भी कई बार कैदियों के बीच हिंसा और गैंगवार के मामलों में सामने आ चुका है। अंडरवर्ल्ड से रिश्ता रखने वाले कुख्यात गैंगस्टर प्रसाद पुजारी पर इसी साल जुलाई में जेल के भीतर हमला हुआ था। इस मामले में मुंबई पुलिस ने प्रसाद पुजारी समेत कुल ७ कैदियों के खिलाफ दंगा और मारपीट का केस दर्ज किया था। इस ताजा घटना ने एक बार फिर आर्थर रोड जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
