* सुल्तानपुर पुलिस ने दबोचा किराएदार बन मकान मालिकों को ट्रेडिंग के झांसे में फंसा कर लाखों ऐंठने वाला साइबर अपराधियों का बड़ा गिरोह
•यूपी और बिहार राज्य में साइबर अपराधियों का गिरोह ठगी
* पटना से धराया गिरोह का ‘मास्टर माइंड’ , तीन गिरफ्तार
विक्रम सिंह/सुल्तानपुर
यूपी के सुल्तानपुर जिले की साइबर पुलिस ने किराए पर कमरा लेकर मकान मालिकों को अपने झांसे में डाल लाखों रुपये साइबर फ्रॉड करके ऐंठने वाले बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। गत दिनों सुल्तानपुर शहर के एक शिक्षक शैलेन्द्र सिंह से करीब १९ लाख रुपये की साइबर ठगी के ऐसे ही मामले को लेकर स्थानीय साइबर पुलिस ने बुधवार को बड़ा गुडवर्क किया। इस गिरोह के मास्टर माइंड समेत तीन सदस्यों को बिहार के भभुआ जिले से दबोचा। जिनके पास से फ्रॉड से ऐंठी रकम व लैपटॉप व टेबलेट आदि भी बरामद हो गए हैं।
एएसपी अखंड प्रताप सिंह ने बताया कि साइबर अपराधियों का ये गिरोह ट्रेडिंग में निवेश का झांसा देकर कई गुना रुपये कमाने का ये ‘साइबर फ्राड’ ओएलएक्स के माध्यम से बिहार व यूपी के अलग अगल जिलो में मकान मालिक से कमरे को भाडे पर लेकर मकान मालिक को अधिक धन का लालच देकर ट्रेडिंग व अन्य लुभावने वादे करके मोटी रकम लेकर फरार हो जाता था। स्थानीय मुहल्ला तुराबखानी में आप सांसद संजय सिंह की बहन मंशा सिंह व उनके पति शिक्षक शैलेन्द्र सिंह निजी मकान में रहते हैं। शिक्षक दंपती ने गत अक्टूबर में अपना कमरा किराये पर दिये जाने के लिये ओएलएक्स पर अपना विवरण डाला था।
जिसपर बिहार के भभुआ जिले के बीरभानपुर निवासी अजय यादव मोहित ने उनसे सम्पर्क कर कमरा भाडे पर ले लिया। उसने खुद को नेट ट्रेडिंग का ‘मास्टर’ बताया व अन्य लुभावने वादे किये। जिससे सांसद संजय सिंह के बहनोई शैलेन्द्र झांसे में आ गए। धोखेबाज किराएदार अजय ने अधिक धन का लालच देकर अलग ट्रान्जेक्शन अलग अलग माध्यम से कराकर उनके मोबाइल के माध्यम से लोन कर डाला। करीब सात लाख व १२ लाख नकद कुल १९ लाख रूपये ट्रान्सफर करा कर धोखे से लेकर कुछ ही दिनों के भीतर कमरा छोड़ फरार हो गया। इसकी एफआईआर पुलिस कप्तान कुँवर अनुपम सिंह के निर्देश पर साइबर थाना के प्रभारी आलोक सिंह ने दर्ज कर विवेचना शुरू की। करीब डेढ़ माह की कड़ी मेहनत के बाद आरोपी तक पहुंचने में साइबर पुलिस को आखिरकार कामयाबी मिल पाई।
गिरोह के मास्टरमाइंड अजय प्रताप यादव मोहित निवासी ग्राम बीरभानपुर थाना चांद जनपद भभुआ को बिहार राज्य की राजधानी के सोनारी गांव से दबोचा गया। जबकि तेज प्रताप यादव निवासी हरबल्लमपुर थाना दुर्गावती जिला भभुआ को भागते वक़्त वहीं पर रेलवे स्टेशन के पास से व यूपी के चंदौली जिला के मसौनी गांव निवासी रंजन यादव ग्राम मसौनी थाना चन्दौली को सुल्तानपुर से पुलिस ने दबोचा। जिनके पास से करीब दस मोबाइल सेट, पैन कार्ड , लैपटॉप टेबलेट्स व मोटर साइकिल आदि बरामद कर ली गई हैं। इन सभी पर बिहार व यूपी के विभिन्न थानों में आधा दर्जन से ज्यादा साइबर फ्राड आदि के केस पूर्व से ही दर्ज हैं।
