राधेश्याम सिंह
वसई। वसई पूर्व के वालीव क्षेत्र में अंबिका ज्वेलर्स के दुकानदार पर हुए दिनदहाड़े हमले का क्राइम ब्रांच यूनिट-4 ने पर्दाफाश कर दिया है। मामले में शामिल आरोपी दंपति को पुलिस ने नाशिक रोड क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। वारदात ने न सिर्फ शहर की कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा किया था, बल्कि लोगों में भारी दहशत भी पैदा कर दी थी।घटना 9 दिसंबर 2025 की सुबह ठीक 11:57 बजे शालीमार होटल के सामने स्थित अंबिका ज्वेलर्स में घटित हुई। एक पुरुष, एक महिला और एक छोटे बच्चे के साथ दुकान में पहुंचे—ताकि शक भी ना हो। पहले अंगूठी दिखाने का बहाना बनाया, फिर दुकान में मौजूद ज्वेलर कालूसिंह खरवट को बच्चे के लिए पानी लाने को कहा।जैसे ही कालूसिंह अंदर गए, आरोपी पुरुष भी पीछे-से दुकान में घुसा और अचानक चाकू से पेट, हाथ, गाल और हनुवटी पर वार कर दिए। खून से लथपथ कालूसिंह को छोड़कर आरोपी तुरंत फरार हो गया। पूरी वारदात कुछ ही सेकेंडों में अंजाम दी गई।वालीव पुलिस थाने में इस मामले में अपराध क्रमांक 701/2025 दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम ब्रांच यूनिट-4 सक्रिय हुई।टीम ने दुकान और आसपास के सीसीटीवी फुटेज का तकनीकी विश्लेषण,हाईवे फुटेज की मैपिंग,मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग,और गुप्त सूचनाओं की मदद से आखिरकार इस केस की गुत्थी सुलझा ली। नाशिक रोड इलाके में छापेमारी कर सोहेल शराफत खान (23) और उसकी पत्नी फिरदौस बानो सोहेल खान (दोनों निवासी टेहरोली, झांसी, उत्तर प्रदेश) को गिरफ़्तार कर लिया । पूछताछ में दोनों ने अपराध कबूल कर लिया। क्राइम DCP संदीप डोईफोड़े ने बताया कि “गिरफ्तार दंपति पर भारी कर्ज था और उन्हें जल्दी पैसे की जरूरत थी। इसी आर्थिक दबाव में दोनों ने मिलकर डकैती की योजना बनाई थी।” फिलहाल,बच्चे को साथ लाना इसीलिए था ताकि विश्वास जीतकर वारदात को अंजाम देने में आसान हो सके।इस केस का खुलासा वरिष्ठ पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक, अपर पुलिस आयुक्त दत्तात्रय शिंदे, DCP (क्राइम) संदीप डोईफोडे और ACP (प्रकटीकरण) मदन बल्लाळ के मार्गदर्शन में हुआ। ऑपरेशन में यूनिट-4 की टीम पोनि प्रमोद बडाख,सपोनि प्रशांत गांगुर्डे, दत्तात्रय सरक,मनोहर तावरे,संतोष मदने, शिवाजी पाटील,धनंजय चौधरी,प्रविणराज पवार,हनुमंत सुर्यवंशी,रविंद्र भालेराव,विजय गायकवाड,समीर यादव,संदीप शेरमाळे,अश्विन पाटील,विकास राजपूत,सनी सुर्यवंशी,दीपाली जाधव,सचिन चौधरीऔर अन्य अधिकारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
