मुख्यपृष्ठनए समाचारघाती गुट के प्रवक्ता की हुई फजीहत... कलेक्टर कुमार ने सुनाई खरी-खरी!

घाती गुट के प्रवक्ता की हुई फजीहत… कलेक्टर कुमार ने सुनाई खरी-खरी!

-बोले, बाद में करें आप अपनी राजनीति, हम पहुंचा रहे हैं मदद

सामना संवाददाता / मुंबई

बाढ़ प्रभावित पाकणी गांव का दौरा कर रहीं शिंदे गुट की प्रवक्ता ज्योति वाघमारे और जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद के बीच तनावपूर्ण टेलीफोन वार्ता ने बाढ़ राहत कार्यों में राजनीतिक हस्तक्षेप की गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है। ग्रामीणों की शिकायतों को लेकर जब वाघमारे ने सीधे कलेक्टर से फोन पर सवाल किया तो कलेक्टर कुमार आशीर्वाद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आप अपनी राजनीति बाद में करें। उनके इस जवाब ने मुद्दे को बहस का केंद्र बना दिया है। वायरल हो रहा यह विवाद अब एक बड़े सवाल को जन्म दे रहा है कि क्या प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राजनीतिक दौरे वास्तव में पीड़ितों की मदद करते हैं या फिर प्रशासनिक कार्यों में बाधा बनते हैं?
पिछले कुछ दिनों से मराठवाड़ा और पश्चिम महाराष्ट्र के सोलापुर जिले को भारी बारिश ने तबाह कर दिया है। सोलापुर में सीना नदी की बाढ़ का पानी कई गांवों में घुस गया है, जिससे खेती और घर पानी में डूब गए हैं। इस पृष्ठभूमि में सोलापुर जिले में लगातार राजनीतिक नेताओं के दौरे जारी हैं। बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने आनेवाले इन राजनीतिक नेताओं के कारण स्थानीय प्रशासन पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे ही एक मामले में सोलापुर जिले के पाकणी गांव में जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद ने शिंदे गुट की महिला प्रवक्ता ज्योति वाघमारे को खरी-खरी सुना दी है, जिससे सियासी गलियारे में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। बता दें कि ज्योति वाघमारे जब गांव में बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने गई थीं। उस दौरान ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि प्रशासन उनकी मदद नहीं कर रहा है। इस पर ज्योति वाघमारे ने सीधे जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद को फोन लगाया और उनसे सवाल-जवाब करने लगीं कि आपके सरकारी अधिकारी मदद के लिए गांव में ही नहीं हैं। गांव के नागरिकों को भोजन किट नहीं मिली है। गांव की आबादी इतनी बड़ी है, लेकिन भोजन की व्यवस्था क्यों नहीं है? इस पर जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद काफी नाराज हो गए और उन्होंने ज्योति वाघमारे को साफ-साफ सुनाते हुए कहा कि आप अपनी राजनीति बाद में करें। हम मदद पहुंचा रहे हैं। लेकिन आप भी अपनी पार्टी की तरफ से मदद करें।
वीडियो जारी कर जताया गुस्सा
इस पूरे मामले के बाद ज्योति वाघमारे ने एक वीडियो जारी कर अपना गुस्सा जताया। उन्होंने कहा कि क्या किसानों की आवाज प्रशासन तक पहुंचना मेरा अपराध है? क्या मैंने जिलाधिकारी को कोई गलत काम या टेंडर की कमीशन के लिए फोन किया था? अगर लोगों की आवाज बनना अपराध है तो मैं फांसी पर झूलने को तैयार हूं, लेकिन लड़ती रहूंगी।

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