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`चाय फीकी, रोटी गोल नहीं; तो दे दो डिवोर्स!’ …मामूली तकरार से टूट रहे सात जन्मों के रिश्ते

-ग्वालियर पुलिस के पास पहुंचे २,००० मामले
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में घरेलू रिश्तों में आई दरारों में एक चौंकाने वाला पैटर्न दिख रहा है। यहां नवविवाहित दंपतियों के बीच होने वाली मामूली तकरारें अब तलाक की दहलीज तक पहुंच रही हैं। रोटी का गोल न बनना, चाय में चीनी का अनुपात बिगड़ना, मेकअप पर खर्च न होना या फिर मायके से डॉगी लाना, जैसे बेहद कारण आज रिश्तों में बड़ी दरार का सबब बन रहे हैं। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि पति-पत्नी दोनों पक्ष थाने पहुंचकर सीधे तलाक की मांग कर रहे हैं।
ग्वालियर में हाल के वर्षों में पारिवारिक कलह के ऐसे अजीबोगरीब मामले सामने आए हैं, जहां बात मामूली कारणों से शुरू हुई और महिला थाने की काउंसलिंग टेबल तक जा पहुंची। नवविवाहित दंपति इन छोटे-छोटे विवादों में एक-दूसरे से अलग होने की नौबत तक ले आते हैं। हाल में सामने आए चौंकाने वाले एक मामले में, अल्कापुरी की एक महिला ने शिकायत की कि अगर रोटी थोड़ी तिरछी बन जाती थी, तो पति और सास ताने देते थे। यह छोटी-सी बात बड़े झगड़े में बदली और पति-पत्नी तलाक लेने पर अड़ गए। मुरार क्षेत्र में एक पति को चाय में चीनी ज्यादा या कम होने पर भयंकर गुस्सा आता था। बात मारपीट तक पहुंची और पत्नी ने थाने में शिकायत दर्ज कराकर तलाक की मांग की। एक अन्य मामले में ग्वालियर में जब एक पत्नी मायके से डॉगी ले आई, तो ससुराल पक्ष को यह बिलकुल पसंद नहीं आया और विवाद इतना बढ़ा कि पति ने तलाक की मांग कर दी। वहीं अन्य मामले में पत्नी ने शिकायत की कि पति मेकअप पर पर्याप्त खर्च नहीं करते, जिससे झगड़ा बढ़ा और पत्नी तलाक की जिद पर अड़ गई। इसके अलावा एक मामले में पति ने आरोप लगाया कि पत्नी फोन पर ज्यादा समय मायके वालों से बात करती है। इस कारण दोनों पक्षों में तनाव इतना बढ़ा कि मामला थाने में तलाक की मांग तक जा पहुंचा।

हर साल बढ़ रहे घरेलू विवाद के मामले
ग्वालियर में ऐसे मामूली विवाद बड़े झगड़ों का रूप लेकर अदालत और थाने तक जा रहे हैं। साल २०२२ में महिला थाने में पारिवारिक विवाद के १,४९९ केस दर्ज हुए थे, जो बढ़कर २०२५ में २,२५० तक पहुंच गए हैं।

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