-महापौर की कुर्सी हथियाने का दावा…बड़े भाई भाजपा को ही दिखाई आंख
धीरेंद्र उपाध्याय / मुंबई
मुंबई मनपा चुनाव की पृष्ठभूमि में घाती गुट एक बार फिर मुंगेरीलाल का सपना देख रहा है। मनपा की गद्दी पर बैठने का ख्वाब दिखाते हुए यह गद्दार गुट महापौर की कुर्सी पर गिद्ध नजरें गड़ाए हुए है। इसी के तहत उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पदाधिकारियों को हाल ही में झुनझुना देने वाला एक मंत्र दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि मेहनत करो, मुंबई मनपा में महापौर हमारा ही होगा। दूसरी तरफ महापौर की कुर्सी हथियाने का यह ढोंगी दावा करते हुए शिंदे गुट ने एक तरह से अपने बड़े भाई भाजपा को ही आंख दिखाने की हिम्मत कर डाली है। फिलहाल, इस पर भाजपा का क्या पलटवार होता है, यह आनेवाले दिनों में स्पष्ट हो जाएगा, लेकिन महायुति के नाम पर दिखाई जा रही यह झूठी एकता दरअसल भीतर ही भीतर सत्ता हथियाने की साजिश से भरी है।
मुंबई मनपा चुनाव की घोषणा दिवाली के बाद होनेवाली है। इसे देखते हुए सामने आ पहुंचे चुनाव की तैयारी सभी दलों ने शुरू कर दी है और इसके लिए अभी से जोर लगाया जा रहा है। इसी के तहत उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने गुट के पदाधिकारियों को गुरुमंत्र दिया है। उन्होंने साफ कहा कि आनेवाले समय में मेहनत करो, महापौर हमारा ही होगा। साथ ही मुंबई मनपा पर भगवा झंडा फहराने का लक्ष्य रखते हुए कार्यकर्ताओं से सभी मतभेद भुलाकर एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया। हालांकि, मुंबईकरों का कहना है कि मुंबई मनपा पर राज करने का ख्वाब देखने वाला शिंदे गुट हकीकत में सिर्फ गद्दारी और सत्ता की भूख का प्रतीक बनकर रह गया है। महायुति का नकली मुखौटा पहनकर यह गुट अपने फायदे के लिए चालें चल रहा है, लेकिन जनता बखूबी जानती है कि गद्दार गुट की नींव रेत पर खड़ी है, जो कभी भी ढह सकती है। महापौर की कुर्सी पर बैठने का ढोंगी दावा करते हुए यह गुट असल में भाजपा को चुनौती देने और अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ने पर मजबूर है।
विश्वासघातियों को माफ नहीं करते मुंबईकर
महापौर की कुर्सी पर गिद्ध नजरें गाड़नेवाला यह गद्दार गुट भूल गया है कि मुंबई की जनता विश्वासघात करनेवालों को कभी माफ नहीं करती। सत्ता के लालच में शिवसेना के पीठ में खंजर घोंपनेवाले इस गुट की सच्चाई अब पूरी तरह से जनता की सामने आ चुकी है। मुंबईकरों का जनादेश सिर्फ समर्पण, त्याग और निष्ठा को मिलता है, गद्दारी को नहीं इसलिए चाहे कितने भी मुंगेरीलाल के सपने दिखा लें, मनपा की गद्दी तक इस गुट की पहुंच अब सिर्फ एक मरीचिका जल ही साबित होगी।
पहले से नाराज हैं पदाधिकारी
एक तरफ शिंदे गुट महापौर की कुर्सी पर कब्जा करने का दिखावा कर रहा है। बीते दिनों मुंबई में पदाधिकारियों की नियुक्ति पर गुट में जोरदार नाराजगी दिखाई दी थी। इस नियुक्ति के बाद बड़ी संख्या में पदाधिकारियों के इस्तीफा देने की चेतावनी देते हुए इस्तीफा देने तक की बातें कह दी थीं। इतना ही नहीं सभी ने इस संदर्भ में एकनाथ शिंदे से मुलाकात भी की थी। इन सबके बीच महायुति में भाजपा के बड़े भाई को चुनौती देने की यह हिम्मत, असल में गुट की कमजोरी का परिचायक है।
