सामना संवाददाता / मुंबई
शिंदे को न बुलाने पर कैबिनेट में बवाल
जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
नई मुंबई अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पर छत्रपति शिवाजी महाराज की भव्य प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम को लेकर महायुति सरकार के भीतर की खींचतान खुलकर सामने आ गई है। ठाणे जिले के पालकमंत्री और उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किए जाने के मुद्दे ने मंगलवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में बवाल खड़ा कर दिया।
इस कार्यक्रम का संचालन सिडको और एयरपोर्ट प्रबंधन से जुड़ी एजेंसियों ने किया था। विवाद बढ़ने पर एयरपोर्ट प्राधिकरण और प्रोटोकॉल विभाग ने मुख्यमंत्री कार्यालय को सफाई दी कि यह ‘निजी आयोजन’ था। साथ ही भविष्य में ऐसी चूक न दोहराने का आश्वासन भी दिया। हालांकि, बड़ा सवाल यही है कि छत्रपति शिवाजी महाराज जैसी महान विभूति की प्रतिमा के अनावरण जैसे कार्यक्रम में राज्य के वरिष्ठ नेता और जिले के पालकमंत्री की अनुपस्थिति वैâसे रह गई।
सियासी प्रतिष्ठा की लड़ाई
शिंदे गुट इसे महज चूक मानने को तैयार नहीं है, जबकि सरकार इसे तकनीकी और प्रक्रिया संबंधी गलती बताकर मामला शांत करने की कोशिश कर रही है। इस घटनाक्रम ने महायुति सरकार के भीतर समन्वय और प्रोटोकॉल व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिवराय के नाम पर हुआ कार्यक्रम अब सियासी प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गया है और आने वाले दिनों में आरोप-प्रत्यारोप तेज होने के संकेत हैं।
सीएम के समक्ष शिंदे गुट का तीव्र विरोध
सूत्रों के अनुसार, इस मामले को लेकर शिंदे गुट के मंत्रियों ने राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सामने तीव्र विरोध दर्ज कराया। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस जिले के पालकमंत्री खुद शिंदे हैं, उसी जिले में हुए इतने अहम कार्यक्रम से उन्हें क्यों दूर रखा गया। शिंदे गुट के मंत्रियों ने इसे प्रोटोकॉल का गंभीर उल्लंघन बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
