कल्याण: कल्याण पश्चिम स्थित बी. के. बिड़ला महाविद्यालय, कल्याण में आईसीएसएसआर, दिल्ली, महाराष्ट्र राज्य हिन्दी साहित्य अकादमी और अखिल भारतीय साहित्य परिषद के संयुक्त तत्वावधान में “विद्यानिवास मिश्र एवं गोपालदास नीरज के साहित्य में राष्ट्रीय चेतना और सामाजिक–सांस्कृतिक बोध” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय परिसंवाद आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन यूजीसी के पूर्व उपाध्यक्ष प्रो. डी. के. श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर प्रो. चितरंजन मिश्र, प्रो. सुरेश ऋतुपर्ण, श्रीराम परिहार, प्रो. शीतला प्रसाद दुबे सहित देशभर से आए अनेक विद्वान उपस्थित रहे। छह सत्रों में संपन्न हुए इस आयोजन में साठ से अधिक शोधार्थियों ने अपने आलेख प्रस्तुत किए। वक्ताओं ने विद्यानिवास मिश्र के साहित्य में भारतीय परंपरा और नीरज के काव्य में राष्ट्र चेतना एवं सामाजिक सरोकारों की विशेषताओं पर विस्तार से विचार रखे।
यह परिसंवाद विद्यानिवास मिश्र और गोपालदास नीरज की जन्मशताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। प्राचार्य डॉ. अविनाश पाटिल और संयोजक डॉ. श्यामसुंदर पांडेय ने सभी अतिथियों के प्रति आभार जताया। कार्यक्रम को सफल बनाने में हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. बालकवि सुरंजे तथा विभाग के सभी प्राध्यापकों और छात्रों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
