फिरोज खान
दिल्ली के एक नामी कॉलेज में पढ़ने वाले रोहन और रिया की कहानी बाहर से किसी फिल्मी लव स्टोरी जैसी लगती थी। रोहन मध्यमवर्गीय, सीधा-सादा लड़का था, जबकि रिया अमीर और खूबसूरत। रोहन ने रिया से बेइंतहा प्यार किया और उसके लिए कुछ भी करने को तैयार रहता था। लेकिन रिया के दिल में रोहन के लिए प्यार नहीं था; वह सिर्फ उससे अपने असाइनमेंट करवाने और पैसे ऐंठने के लिए रिश्ता निभा रही थी।
कॉलेज खत्म होने के बाद भी दोनों मिलते रहे। फिर एक दिन रोहन अचानक लापता हो गया। घरवालों ने उसे हर जगह तलाशा, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो उसके पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने सबसे पहले रिया से पूछताछ की। रिया ने शांति से कहा, ‘रोहन नौकरी के लिए मुंबई चला गया है, हमारा ब्रेकअप हो गया है।’ रोहन का फोन भी बंद था। सबूतों के अभाव में पुलिस ने फाइल बंद कर दी।
तीन साल बीत गए। एक दिन रोहन के पिता को डाक से एक गुमनाम चिट्ठी मिली, जिसमें लिखा था- ‘रोहन कभी मुंबई नहीं गया। वह रिया के गाजियाबाद वाले फार्महाउस के पीछे दफन है।’ पिता तुरंत पुलिस के साथ फार्महाउस पहुंचे। खुदाई करने पर मिट्टी के नीचे से रोहन का कंकाल बरामद हुआ।
पुलिस ने रिया को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो सच सामने आ गया। रिया ने बताया कि जब रोहन को उसके दूसरे अमीर बॉयप्रâेंड के बारे में पता चला और उसने विरोध किया, तो गुस्से में उसने अपने नए बॉयप्रâेंड और दो शूटरों के साथ मिलकर उसे फार्महाउस बुलाया। वहां उसे नशीला पदार्थ पिलाकर गला दबाकर मार दिया गया और लाश वहीं दफना दी गई।
कोर्ट ने सबूतों के आधार पर रिया और उसके साथियों को उम्रवैâद की सजा सुनाई। एक पिता ने अपना इकलौता बेटा खो दिया।
पाठकों के लिए संदेश
रिश्तों में आंख बंद करके भरोसा करना खतरनाक हो सकता है। प्यार के नाम पर हो रहे इस्तेमाल, झूठ और धोखे को समय रहते पहचानना जरूरी है। अगर कोई रिश्ता आपको तोड़ रहा है या अपमानित कर रहा है, तो उससे बाहर निकलने की हिम्मत रखें। सच देर-सवेर सामने आता है और कानून अपना काम करता है। सतर्क रहें और अपनी व अपनों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
