मुख्यपृष्ठनमस्ते सामनाकल हमको भी जाना होगा

कल हमको भी जाना होगा

कल हमको भी जाना होगा।
अपना फर्ज निभाना होगा।।
कविता में ही क्रांति बीज को।
बोना और उगाना होगा।।
मान रहा हूं कठिन काम है।
फिर भी आगे आना होगा।।
यह कैसा आधार सड़ा है।
इस पर प्रश्न उठाना होगा।।
अधिरचना के पहलू को भी।
गति देकर सुलझाना होगा।।
चिंतन मनन धैर्य को लेकर।
हरदम कदम बढ़ाना होगा।।
अवरोधों की दवा ढूंढ कर।
इधर-उधर से लाना होगा।।
गति को गति दे उस विचार को।
धरती पर फैलाना होगा।।
मातृभूमि का गाना गाकर।
आगे बढ़ते जाना होगा।।
हिंदुस्तान बड़ा सुंदर है।
इसको नया बनाना होगा।।
लूटपाट पर रोक लगाकर।
हरियाली को लाना होगा।।
शिक्षित अपना लोकतंत्र हो।
यह विचार अपनाना होगा।।
कलम चला कर कविता से ही।
पूरा देश जगाना होगा।।
भटके हुए सभी कलमों को।
सही मार्ग पर लाना होगा।।
कवियों का हो बड़ा संगठन।
इस पर भी बतियाना होगा।।
आपस में संवाद चलाकर।
मंजिल पास बुलाना होगा।।
-अन्वेषी

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