तमिल सिनेमा के गलियारों में हमेशा से ही `सुपरस्टार’ के खिताब को लेकर एक छिड़ी जंग चलती रही है, लेकिन हाल ही में अभिनेता विशाल के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने इस कंट्रोवर्सी में घी डालने का काम कर दिया है। विशाल, जो खुद तमिल सिनेमा के एक जाने-माने एक्शन हीरो और `नादिगर संगम’ (साउथ इंडियन आर्टिस्ट एसोसिएशन) के महासचिव हैं, ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय से मुलाकात के बाद उन्हें `डार्लिंग सीएम’ और `सुपरस्टार’ कहकर संबोधित कर दिया। बस फिर क्या था, इंटरनेट पर थलपति विजय और थलाइवर रजनीकांत के पैंâस के बीच एक नया युद्ध छिड़ गया।
इस पूरे विवाद ने एक बार फिर इस सवाल को हवा दे दी है कि आखिर असली सुपरस्टार कौन है?
रजनीकांत (विरासत का नाम): तमिल सिनेमा के इतिहास में `सुपरस्टार’ शब्द रजनीकांत का पर्याय बन चुका है। दशकों से उनकी अनोखी शैली, डायलॉग डिलिवरी और ग्लोबल स्टारडम ने इस टैग को उनके नाम के साथ हमेशा के लिए जोड़ दिया है। उनके फैंस का मानना है कि यह खिताब सिर्फ रजनीकांत के लिए ही आरक्षित है।
थलपति विजय (आधुनिक बॉक्स ऑफिस के किंग): दूसरी तरफ विजय के प्रशंसकों का तर्क है कि `सुपरस्टार’ वह होता है, जिसका आज के दौर में सिक्का चलता हो। विजय वर्तमान में तमिल इंडस्ट्री के सबसे बड़े बॉक्स ऑफिस कमाऊ पूत हैं और अब तो वे मुख्यमंत्री की कुर्सी तक भी पहुंच चुके हैं। ऐसे में पैंâस के लिए वे ही असली जन-नायक और सुपरस्टार हैं। विशाल का यह पोस्ट भले ही विजय के प्रति उनका व्यक्तिगत आदर और उनके संघर्ष को दी गई एक अदरांंजलि थी, लेकिन इसने इंडस्ट्री के सबसे संवेदनशील मुद्दे को छू लिया। तकनीकी रूप से `सुपरस्टार’ का टैग हमेशा रजनीकांत की विरासत रहेगा, लेकिन समकालीन लोकप्रियता और प्रभाव के मामले में विजय आज के दौर के सबसे बड़े सुपरस्टार बनकर उभरे हैं।
