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८५ करोड़ रुपए की खनक में चमक रहा शीत सत्र!.. नागपुर बना वीआईपी जोन

सुनील ओसवाल / नागपुर

आज से शुरू होनेवाला नागपुर का शीत सत्र ८५ करोड़ रुपए के अनुमानित खर्च के साथ सजकर पूरी तरह तैयार है। ८ से १४ दिसंबर तक चलनेवाले इस अधिवेशन के लिए उपराजधानी में लोकभवन से लेकर विधानभवन तक पूरा इलाका नए डामरीकरण, रंगरोगन और ताबड़तोड़ मरम्मत कार्यों से चमक उठा है। मंत्री, विधायक, वरिष्ठ अधिकारी और सचिवालय कर्मियों के आवास तथा दैनिक कामकाज की सर्व सुविधा व्यवस्था समय से पहले पूरी कर ली गई है।
‘नागपुर करार’ के अनुसार प्रतिवर्ष एक अधिवेशन उपराजधानी में आयोजित किया जाता है और यह प्राय: शीतकालीन अधिवेशन होता है। इस बार सचिवालय की महत्वपूर्ण फाइलें, गोपनीय दस्तावेज, तकनीकी उपकरण और आवश्यक मशीनरी से भरे छह ट्रक २८ नवंबर को ही नागपुर पहुंचे, जिसके बाद अधिकारी वर्ग के आगमन के साथ १ दिसंबर से सचिवालय का प्रत्यक्ष कामकाज शुरू हो गया। विधानभवन परिसर को विधिमंडल सुरक्षा बल ने अपने कब्जे में लेकर पूरे क्षेत्र को हाई-सिक्योरिटी जोन घोषित कर दिया है। अधिवेशन के लिए राज्यपाल का शासकीय निवास लोकभवन, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का रामगिरी, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का देवगिरी, उपमुख्यमंत्री अजीत पवार का विजयगढ़, इसके अतिरिक्त रविभवन, नागभवन, वनामती कॉटेजेस, विधायक निवास और सचिव निवास, इन सभी सरकारी इमारतों की रंगाई-पुताई, मरम्मत और साफ-सफाई का काम पूरा कर लिया गया है। विधानभवन परिसर में सभी राजनीतिक दलों और अपक्ष विधायकों के कार्यालय भी तैयार हो चुके हैं, जबकि १६ मंत्रियों के लिए बनाए गए विशेष अस्थायी कार्यालय भी पूरी तरह सुसज्जित कर दिए गए हैं।
विधानभवन परिसर तथा आसपास की सड़कों को नए डामरीकरण से चमकदार रूप मिला है। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा समय-समय पर की गई समीक्षा बैठकों के चलते अधिकांश कार्य निर्धारित समय सीमा में पूर्ण हुए। अधिवेशन पर कुल ८०-८५ करोड़ रुपए का खर्च अनुमानित है, जिसमें सुरक्षा, निवास, परिवहन, तकनीकी सुविधाएं, फाइल व दस्तावेज प्रबंधन और दुरुस्ती कार्यों पर भारी बजट खर्च किया जा रहा है। आनेवाला सप्ताह नागपुर में राजनीतिक गतिविधियों, बैठकों और चर्चाओं की वजह से अत्यंत व्यस्त और गहमागहमी भरा रहनेवाला है।

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