शीतल अवस्थी
शिवलिंग, महादेव का निराकार व साक्षात् स्वरूप माना जाता है। पौराणिक मान्यता है कि शिवलिंग पूजा उस शक्ति की उपासना है जो सृष्टि रचना का कारण है क्योंकि लिंग स्वरूप जीव के वास, प्राकट्य और उत्पत्ति का प्रतीक है। शिवलिंग व अरघा भी शिव-शक्ति का सामूहिक स्वरूप होकर सृजन या उत्पत्ति का प्रतीक है। यह रूप अर्द्धनारीश्वर के रूप में भी पूजनीय है। यही वजह है कि धर्म परंपराओं में कण-कण और हर जीव में शिव मानकर सोमवार के अलावा देवी पूजा के विशेष काल यानी नवरात्रि की सभी पुण्यतिथियों पर शिवलिंग की उपासना के ऐसे चमत्कारी उपाय भी बताए गए हैं, जो काम व भाग्य संवारने वाली हर इच्छाओं को जल्द पूरा करने वाले माने गए हैं। खासतौर पर नवरात्रि में दुर्गाष्टमी, नवमी व सोमवार तो इन उपायों के लिए बड़े ही शुभ हैं। नवरात्रि में किस्मत व काम बनाने वाला चमत्कारी उपाय है अलग-अलग चीजों के बने शिवलिंग की पूजा। जानिए किस चीज के बने शिवलिंग की उपासना से कौन-सी कामना सिद्ध होती है –
-मकान या संपत्ति की चाहत पूरी करने के लिए फूलों से बने शिवलिंग की पूजा करें। अक्षत, गेहूं या जौ के आटे से बने शिवलिंग की पूजा पारिवारिक सुख-शांति व संतान की कामना पूरी करती है। पीपल की लकड़ी से बने शिवलिंग अभाव व दरिद्रता का नाश करते हैं। हवन-यज्ञ की विभूति या भस्म से बने शिवलिंग मनचाही कामना सिद्ध करते हैं। दही का जल निकालकर निथारकर बने शिवलिंग धन कामना पूरी करते हैं। चंदन-कस्तूरी से बने शिवलिंग ऐश्वर्यमय जीवन की कामना पूरी करते हैं। लहसुनिया के शिवलिंग शत्रु बाधा दूर करते हैं। मृत्यु व काल का भय दूर्वा दल से बने शिवलिंग पूजा से दूर होता है। स्फटिक शिवलिंग की पूजा हर कामना और कार्य सिद्धि करने वाली मानी गई है। रोगमुक्ति के लिए मिश्री या शक्कर के बने शिवलिंग मंगलकारी होते हैं। चांदी, सोने या मोती से बने शिवलिंग क्रमश: पैसा, खुशहाली व भाग्य वृद्धि करते हैं।
