सामना संवाददाता / ठाणे
लंबे इंतजार के बाद ठाणे मनपा ने शहर में खुले आसमान के नीचे व्यवसाय करनेवाले ८३ गटई चर्मोद्योग कामगारों को स्टॉल लाइसेंस देने की मंज़ूरी दे दी है। मनपा आयुक्त सौरभ राव ने आश्वासन दिया है कि आनेवाले डेढ़ से दो महीने के भीतर ये लाइसेंस वितरित कर दिए जाएंगे।
राष्ट्रीय चर्मकार संघ के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक बाबूराव माने के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल ने हाल ही में ठाणे मनपा आयुक्त से मुलाकात की। इस बैठक में कामगारों की वर्षों से लंबित मांग को मान्यता देते हुए आयुक्त ने लाइसेंस जारी करने का भरोसा दिलाया। गौरतलब है कि वर्ष २००५ में मनपा की महासभा ने १९३ गटई चर्मोद्योग कामगारों को स्टॉल लाइसेंस देने का निर्णय लिया था। २००८ में इनमें से ११० कामगारों को लाइसेंस दिए भी गए, मगर बाकी ८३ कामगार आज तक इंतजार कर रहे थे। बाबूराव माने ने कहा कि २० साल पहले लिए गए निर्णय को आज तक लागू न करना नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि लाइसेंस देने में और देरी हुई तो राष्ट्रीय चर्मकार संघ मोर्चा निकालेगा।
इस अवसर पर राष्ट्रीय चर्मकार संघ के मुंबई अध्यक्ष विलास गोरेगांवकर, माजी अध्यक्ष जगन्नाथ खाडे, जालना प्रभारी परशुराम इंगोले, बालासाहेब गायकवाड, ठाणे महिला अध्यक्ष सुनीता कांबले, ठाणे सरचिटनीस निकम, सचिन रामुगडे समेत अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। आयुक्त के आश्वासन से ठाणे के चर्मोद्योग कामगारों में संतोष का माहौल है।
