सामना संवाददाता / मुंबई
राज्य में आगामी महानगरपालिका और नगरपालिका चुनाव के लिए वार्ड गठन की सात चरणों की प्रक्रिया में ढाई से तीन महीने लगेंगे। उम्मीद है कि स्थानीय निकाय चुनाव अक्टूबर-नवंबर के बाद पूरे होने की संभावना जताई जा रही है। वार्ड गठन का अधिकार राज्य चुनाव आयोग के पास था। महाविकास आघाड़ी सरकार के कार्यकाल के दौरान, राज्य सरकार ने जनवरी २०२२ में यह अधिकार अपने पास ले लिया था। महाविकास आघाडी सरकार में किए गए कई पैâसले, जैसे वार्डों की संख्या, बहु-सदस्यीय वार्डों की संरचना, महापौर के चुनाव आदि, महायुति सरकार के सत्ता में आने के बाद बदल दिए गए। हालांकि, महायुति सरकार ने वार्ड बनाने का अधिकार अपने पास लेने के महाविकास आघाड़ी सरकार के पैâसले को बरकरार रखा। इस अधिकार में राज्य सरकार के शहरी विकास विभाग ने सभी मनपा आयुक्तों और जिला कलेक्टरों को वार्ड बनाने का आदेश दिया है। यह पूरी प्रक्रिया सितंबर की शुरुआत तक पूरी होने की संभावना है। मई में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश के अनुसार, चुनाव प्रक्रिया चार महीने के भीतर यानी सितंबर तक पूरी करनी है। लेकिन मनपा, नगर पालिका, जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव की प्रक्रिया सितंबर तक पूरी करना असंभव है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग को समय सीमा बढ़ाने के लिए आवेदन करने की अनुमति दे दी है। इसलिए संभावना जताई जा रही है कि अक्टूबर- नवंबर तक मनपा चुनाव प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
