मुख्यपृष्ठस्तंभआउट ऑफ पवेलियन : ठग खिलाड़ी ने किया कैंसर का झूठा दावा

आउट ऑफ पवेलियन : ठग खिलाड़ी ने किया कैंसर का झूठा दावा

अमिताभ श्रीवास्तव

कुछ समय पहले सुर्खियों में आने के लिए पूनम पांडे ने अपनी मौत की झूठी खबर उड़ाई थी। हालांकि, उसने सिर्फ चर्चा में बने रहने के लिए ऐसा किया था, मगर एक स्पोर्ट्स स्टार ने तो कैंसर का इलाज करवाने के नाम पर लोगों को ठग लिया। जी हां, उसने अपनी नाक में आईफोन का तार लगाकर फोटो खिंचवाई और झूठा दावा करते हुए हजारों लोगों को ठग लिया। डीजे कैरी जिसे ‘हर्लिंग का माराडोना’ कहा जाता है, ने कैंसर बीमारी होने का नाटक करके अपने शुभचिंतकों से पैसे ऐंठ लिए। इस ५४ वर्षीय खिलाड़ी ने पिछले दिनों डबलिन के आपराधिक न्यायालय के सर्किट कोर्ट में १० मामलों में अपना दोष स्वीकार कर लिया। यदि मामला सुनवाई के लिए जाता तो अभियोजन पक्ष की ओर से साक्ष्य देने के लिए २८ गवाह तैयार थे। ये आरोप १३ विभिन्न शिकायतकर्ताओं से संबंधित थे, जिनमें आयरलैंड के सबसे धनी व्यापारियों में से एक डेनिस ओ’ब्रायन भी शामिल थे।
हालांकि, कैरी के बचाव पक्ष के वकील ने अदालत को बताया कि कैंसर न होने के बावजूद खेल स्टार के स्वास्थ्य की स्थिति बहुत गंभीर है। उन्होंने यह भी बताया कि वैâरी की पहले भी हृदय संबंधी सर्जरी हो चुकी है और उनकी नियमित रूप से जांच की जाती है। मगर मामला झूठे कैंसर और ठगी का था इसलिए फिलहाल उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया है। मगर आगामी २९ अक्टूबर को उसे सजा सुनाई जाएगी। कैरी को कभी सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक माना जाता था। उसने पांच ऑल-आयरलैंड खिताब और नौ ऑल-स्टार पुरस्कार जीते हैं। वीडियो में अस्पताल के बिस्तर पर लेटे कैरी की नाक पर आईफोन का तार टेप से चिपका हुआ था। ऐसा माना जा रहा है कि यह तस्वीर उन लोगों को भेजी गई थी, जिन्हें उसने ठगा था।
ये ब्रह्मास्त्र तरकश में रखने के लिए है क्या?
टीम इंडिया की हालत एक बार फिर पहले टेस्ट जैसी हो रही है। यूं तो टेस्ट रोमांचक स्थिति में है आज आखिरी दिन है, मगर ऐसी स्थिति आखिर टीम इंडिया के सामने आ क्यों रही है? प्रश्न कोई कठिन नहीं है, केवल कोच और कप्तान की एक छोटी सी मानसिकता की वजह से यह स्थिति है। उन्होंने ब्रह्मास्त्र को अपने ही तरकश में रख छोड़ा है। वह भी जानबूझकर। पता नहीं क्यों कुलदीप यादव के साथ ही ऐसा होता है। पहले विराट कोहली और रवि शास्त्री ऐसा करते थे बाद में रोहित शर्मा और राहुल द्रविड़ और अब शुभमन गिल और गौतम गंभीर कर रहे हैं। रोहित काल में गंभीर ने भी कुछ मैचों में कुलदीप को नजरअंदाज किया है, जबकि आज टीम को उनकी बहुत ज्यादा जरूरत है। कृष्णा प्रसिद्ध को टीम में रखने का फिलहाल कोई तुक नजर नहीं आता। पहले टेस्ट मैच में भी कुलदीप की जरूरत थी, दूसरे टेस्ट में तो साफ दिखाई दे रहा है कि यदि वो खेलते तो आज टीम इंडिया की गेंदबाजी में ऐसा भोथरापन नहीं दिखता। कहने को कहा जा सकता है कि पिच स्पिनरो के लिए नहीं है, मगर पिच इस चायनामैन के लिए है। घूमती हुई गेंद अंग्रेजों को बराबरी का मौका नहीं देती। कुलदीप की जरूरत इतनी है कि यदि टीम इंडिया को जीतना है तो उन्हें मैदान पर लाना ही पड़ेगा। मगर इस गेंदबाज को बार-बार अनदेखा किया जाता है, जबकि वही ब्राह्मस्त्र है, ऐसे समय जब टीम में जसप्रीत बुमराह जैसा गेंदबाज नहीं है।

अन्य समाचार