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जनाक्रोश देखकर ‘ईडी’ सरकार ने लिया यू-टर्न! … नहीं बढ़ेगा संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान का वार्षिक शुल्क

– रु. ३८३ को बढ़ाकर रु.१० हजार करने का था प्रस्ताव
सामना संवाददाता / मुंबई
बोरीवली स्थित संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान में पर्यटक सेवाओं के शुल्क में भारी बढ़ोतरी के प्रस्ताव को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। प्रस्ताव के अनुसार, मॉर्निंग वॉक और नियमित प्रवेश के लिए सालाना पास शुल्क में कई गुना वृद्धि की योजना बनाई गई थी, जिससे आम नागरिकों में गहरी नाराजगी पैâल गई।
प्रस्ताव में कुछ श्रेणियों के लिए पास शुल्क को मौजूदा ३४८ रुपए से बढ़ाकर १०,००० रुपए तक करने की बात सामने आई थी। पहले जहां आम नागरिकों के लिए सालाना पास लगभग ३८३ रुपए और वरिष्ठ नागरिकों के लिए ४५ रुपये था, वहीं नए प्रस्ताव में इसे क्रमश: १०,००० रुपए और ५,००० रुपए तक बढ़ाने का उल्लेख किया गया था। इस बढ़ोतरी से नियमित रूप से पार्क आने वाले नागरिकों पर सीधा आर्थिक बोझ पड़ने की आशंका जताई गई।
जैसे ही यह प्रस्ताव सामने आया, स्थानीय नागरिकों, पर्यावरण प्रेमियों और मॉर्निंग वॉक करने वाले लोगों की ओर से भारी विरोध शुरू हो गया। लोगों ने इसे आम जनता के लिए उद्यान तक पहुंच को कठिन बनाने वाला निर्णय बताया। कई संगठनों ने भी इस प्रस्ताव के खिलाफ आवाज उठाई और इसे जनविरोधी कदम करार दिया। राजनीतिक स्तर पर भी इस मुद्दे ने तूल पकड़ लिया। विपक्षी दलों ने सरकार को घेरते हुए इस पैâसले के खिलाफ बड़े आंदोलन की चेतावनी दी थी। लगातार बढ़ते विरोध और दबाव के बाद मामला और गंभीर हो गया।
सरकार ने फिलहाल रोका फैसला
बढ़ते जनविरोध को देखते हुए राज्य के राजस्व और वन विभाग ने इस प्रस्ताव को फिलहाल स्थगित कर दिया है। विभाग ने हाल ही में टिकट दरों में वृद्धि और नई टिकटिंग प्रणाली लागू करने को मंजूरी दी थी, लेकिन अब इसके अमल पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। फिलहाल यह स्पष्ट है कि जनविरोध के कारण सरकार को अपने कदम पीछे खींचने पड़े हैं, हालांकि भविष्य में इस प्रस्ताव पर पुनर्विचार की संभावना बनी हुई है।

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