– छुट्टियों में बच्चों की हो रही भारी भीड़
– कल चार बच्चों को डूबने से बचाया गया
द्रुप्ति झा / मुंबई
गर्मी की छुट्टियां होते ही मुंबई के समुद्री तटों पर बड़ी संख्या में बच्चों की भीड़ उमड़ती है। ऐसा ही एक मशहूर समुद्र तट है, ‘अक्सा बीच’। मगर यह काफी खतरनाक है और यहां की खतरनाक लहरें अक्सर पानी में मस्ती करनेवाले लोगों को अंदर खींच लेती हैं। यहां कई लोगों की डूबने से मौत हो चुकी हैं। इसका कारण है कि अक्सा बीच पर लाइफ गार्ड्स की संख्या काफी कम है। वहां पर कम से कम २५ लाइफ गार्ड्स की जरूरत है, पर वर्तमान में सिर्फ १२ तैनात हैं।
बता दें कि कल भी यहां पिकनिक मनाने गए चार बच्चे डूब रहे थे, पर वहां तैनात लाइफ गार्ड्स ने बड़ी मशक्कत के बाद उन्हें बचा लिया। मुंबईकरों के लिए अक्सर सुकून का दो पल देने वाला अक्सा बीच दिनोंदिन खतरनाक होता जा रहा है। वहां पर बच्चों के डूबने की घटनाओं में वृद्धि देखी जा रही है। अक्सा बीच अब पर्यटकोेंं के लिए मौत का जाल बनने लगा है। इसके बावजूद प्रशासन सो रहा है।
इन उपकरणों की जरूरत है
अक्सा बीच पर जैकेट, थ्रो बैग और इनफ्लेटेबल रेस्क्यू बोट समेत कई आधुनिक उपकरणों की जरूरत है। मांगने के बावजूद सरकार और प्रशासन इस पर ध्यान नहीं दे रहा है।
सरकार उदासीन
अक्सा बीच पर डूबते हुए बच्चों का रेस्क्यू करने वाले लाइफगार्ड वैâप्टन नथूराम सूर्यवंशी का कहना है कि यहां पर लोगों की भीड़ के अनुसार, कम लाइफ गार्ड हैं। इनकी संख्या बढ़ानी चाहिए, साथ ही सबसे बड़ी समस्या रेस्क्यू के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले सामान में भारी कमी है। कई बार हमने मांग की, इसके बावजूद हमें ये सारी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं।
खतरनाक अक्सा बीच पर
२० वर्षों में ४७ डूबे!
मुंबई के अक्सा बीच पर लाइफगार्ड्स की सतर्कता से अक्सर बड़ी दुर्घटनाएं टलती हैं। मगर संख्या और सुविधाओं की कमी से कई बार हादसे हो जाते हैं। आंकड़ों के अनुसार, जून २०२३ में एक ही दिन में १९ पर्यटकों को डूबने से बचाया गया। २००६ से २०१८ के बीच ४४५ से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि ४७ लोगों की जान चली गई। यहां अक्सर तेज लहरों के कारण लोग गहरे पानी में फंस जाते हैं। सार्वजनिक नुकसान को कम करने के लिए सुझाए गए अन्य उपायों में सार्वजनिक साइनबोर्ड बढ़ाना और आम जनता के लिए लाइफ जैकेट उपलब्ध कराना शामिल है।
