सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई के १२५ साल पुरानी एल्फिंस्टन ब्रिज को ध्वस्त करने की बात से नाराज लोग लगातार संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन ये विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक तरफ अधिकारियों द्वारा एल्फिंस्टन ब्रिज को बंद करके ध्वस्त करने की लगातर कोशिश की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय नागरिकों द्वारा अपनी मांग को लेकर लगातार कोशिश जारी है। लोगों की मांग है कि जब तक उनके पुनर्वास का मुद्दा सुलझ नहीं जाता, तब तक एल्फिंस्टन ब्रिज को नहीं टूटने देंगे।
बता दें कि बुधवार को महानगरपालिका के अधिकारी देर रात पुल बंद होने की घोषणा वाला बोर्ड लगाने पहुंचे, लेकिन अधिकारियों को ब्रिज के आस-पास रहने वाले लोगों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। परेल स्थित लक्ष्मी निवास बिल्डिंग के एक स्थानीय निवासी अक्षय सुतार ने बताया कि अधिकारियों ने निवासियों को उनके स्थानांतरण के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है। उन्होंने कहा कि निवासी विरोध करेंगे और पुल को बंद नहीं होने देंगे।
अधिकारियों का आश्वासन
अधिकारियों ने यात्रियों को आश्वासन दिया है कि व्यवधान को कम करने के लिए विस्तृत यातायात प्रबंधन योजनाओं और वैकल्पिक मार्गों की घोषणा पहले ही कर दी जाएगी। लेकिन लोग मानने को तैयार नहीं है। इससे पहले भी एल्फिंस्टन ब्रिज गिराए जाने के खिलाफ स्थानीय निवासी जमकर विरोध-प्रदर्शन कर चुके हैं। इस ब्रिज को पूरी तरह से ध्वस्त करने का काम तीन महीने में पूरा होना है।
