-पीएमजेवाई-महात्मा फुले योजना का किया भुगतान…जारी किया
-१,२३७ करोड़ रुपए का फंड
धीरेंद्र उपाध्याय / मुंबई
राज्य के सरकारी अस्पताल फंड के अभाव में बदहाल हैं, वहीं सरकार निजी अस्पतालों पर मेहरबान है। इसका ताजा उदाहरण है कि हाल ही में महायुति सरकार ने निजी अस्पतालों को पीएमजेवाई और महात्मा फुले योजना का भुगतान किया है। करीब ९ लाख करोड़ रुपए के कर्ज में डूबी महायुति सरकार निजी अंगीकृत अस्पतालों को लाभ पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। स्वास्थ्य विभाग भी इस वित्तीय संकट की मार से अछूता नहीं रहा, जिससे दवाओं की किल्लत और बुनियादी सुविधाओं के अभाव ने मरीजों की परेशानी बढ़ा दी है। सरकार ने पीएमजेवाई और महात्मा ज्योतिबा फुले योजना के तहत निजी अस्पतालों को १,२३७ करोड़ रुपए के फंड का भुगतान कर यह स्पष्ट कर दिया है कि उसकी प्राथमिकताएं आम जनता से अधिक निजी स्वास्थ्य लॉबी के पक्ष में झुकी हुई हैं।
गरीब मरीजों को ठुकरा रहे हैं निजी अस्पताल!
‘महायुति’ सरकार राज्य के निजी अस्पतालों पर मेहरबान है। इसके तहत सरकार ने निजी अस्पतालों को पीएमजेवाई और महात्मा फुले योजना का भुगतान किया है। गौर करनेवाली बात है कि आम तौर पर ये अस्पताल योजनाओं के लाभार्थी मरीजों को भर्ती करने में आनाकानी करते हैं। गरीब और मध्यमवर्गीय लोग महात्मा फुले जन आरोग्य योजना का कार्ड लेकर भटकते रहते हैं, लेकिन निजी अस्पताल कभी बेड की कमी तो कभी मशीन खराब होने और कई मामलों में कुछ विशिष्ट बीमारियों का इलाज न होने का बहाना बनाकर मरीजों को बाहर का रास्ता दिखा देते हैं।
बता दें कि महाराष्ट्र सरकार ने महात्मा फुले जन आरोग्य योजना और पीएमजेवाई के संयुक्त कार्यान्वयन के तहत अस्पतालों के बकाया भुगतान के लिए बुधवार को १,२३७.५० करोड़ रुपए की धनराशि मंजूर की है। सरकार का दावा है कि यह निर्णय राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूती प्रदान करने और लाभार्थियों को समय पर उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। इतना ही नहीं, सरकार यह कहते हुए अपनी पीठ थपथपा रही है कि इस निधि का आवंटन एक महत्वपूर्ण कदम है, खासकर ऐसे समय में जब राज्य के आर्थिक हालात पर सवाल उठ रहे हैं।
