-एच-१बी वीजा पर `ट्रंप बम’ से नेटीजंस में आक्रोश; पब्लिक प्लेटफॉर्म पर जारी है विरोध
पीएम नरेंद्र मोदी के ‘परम मित्र’ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा एच-१बी वीजा के मामले में विशेषकर भारतीयों पर गिराये गए ‘ट्रंप बम’ को लेकर अब भी लोगों का आक्रोश कम नहीं हो रहा। खासकर सोशल मीडिया पर लोग हैरानी जताते हुए पूछ रहे हैं कि मोदी को ‘माय गुड प्रâेंड’ कहने वाले ट्रंप बार-बार भारत को नीचा क्यों दिखा रहे हैं। मोदी और उनके समर्थक भी ‘ट्रंप की दोस्ती’ के कसीदे खूब काढ़ते हैं। इसके बावजूद ट्रंप क्यों भारतीयों को भारी नुकसान पहुंचाने पर तुले हैं, इसे लोग समझ नहीं पा रहे, जिसकी वजह से सोशल मीडिया सहित देशभर में बहसें जारी हैं।
बता दें कि मोदी-मित्र ट्रंप ने पिछले दिनों एच-१बी वीजा पर लगने वाली फीस को ६ लाख रुपए से बढ़ाकर सीधे ८८ लाख रुपए कर दिए, जिसका सबसे ज्यादा नुकसान भारतीयों को उठाना पड़ा है, खासकर अमेरिका में नौकरी कर रहे आईटी क्षेत्र से जुड़े प्रोफेशनल्स को। भारत स्थित अमेरिकी कंपनियों में काम कर रहे भारतीयों को भी इसका नुकसान होना तय है। इससे भारी संख्या में युवा प्रोफेशन्स की नौकरियां जाने का खतरा पैदा हो गया है, इसके बावजूद मोदी मौन साधे हुए हैं। इसे लेकर लोग तरह-तरह के कयास लगाने लगे हैं।
मोदी की महाचुप्पी कायम
लोग यह समझ नहीं पा रहे कि आखिर मोदी की ट्रंप से यह वैâसी ‘दोस्ती’ है, जिसका भारी खामियाजा पूरे देश को चुकाना पड़ रहा है। अब लोग इस दोस्ती पर सवाल उठाते हुए यहां तक कहने लगे हैं कि अपने कारोबारी मित्र अडानी को उनके खिलाफ अमेरिका में दर्ज आर्थिक अपराधों के मामलों से बचाने के लिए ही मोदी ने चुप्पी साध रखी है। इसी वजह से वह ट्रंप द्वारा बार-बार भारत और भारतीयों का अपमान व नुकसान किए जाने के बावजूद महामौन धारण किए हुए हैं। इस कारण लोग अब यह भी पूछने लगे हैं कि आखिर मोदी की ऐसी दोस्ती का नुकसान भारत क्यों उठाये!
