-सीआरपीएफ की गाड़ी को भी लगाई आग
-भीड़ ने किया पथराव; पुलिस का लाठीचार्ज
-लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की है मांग
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
नेपाल, फ्रांस और ब्रिटेन से होता हुआ जेन-जी का आंदोलन अब हिंदुस्थान में भी पहुंच गया है। लद्दाख में हजारों जेन-जी अब सड़कों पर उतर गए हैं। लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग ने जोर पकड़ लिया है और वहां जोरदार प्रदर्शन हो रहे हैं। कल यह प्रदर्शन काफी हिंसक हो गया और जेन-जी ने लेह में भाजपा का कार्यालय फूंक दिया।
बता दें कि लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और उसे संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर कल बुधवार को लेह में आयोजित विशाल प्रदर्शन के दौरान जेन-जी की भीड़ ने सीआरपीएफ की एक गाड़ी जला दी। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया तो भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया। हिंसा के बाद प्रदर्शनकारियों के नेता सोनम वांगचुक ने दुख जताया है और युवाओं से शांति बनाए रखने की अपील की है। वांगचुक के अनशन के बाद केंद्र सरकार ने लद्दाख के लोगों को बातचीत के लिए छह अक्टूबर को बुलाया है।
जब प्रदर्शन की शुरुआत हुई थी तो यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन ही था, लेकिन कुछ ही दिनों में यह प्रदर्शन उग्र हो गया, क्योंकि छात्रों को ऐसा प्रतीत हो रहा है कि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है।
१५ दिनों से अनशन पर हैं वांगचुक
पर्यावरणविद और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक लेह-लद्दाख के लिए लगातार पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग कर रहे हैं। वे काफी समय से लद्दाख के लोगों की जीवनशैली, संस्कृति और पर्यावरण की रक्षा के लिए संघर्षरत हैं। वे अपनी मांगों के समर्थन में १५ दिनों से भूख हड़ताल पर हैं।
२०१९ से है केंद्र शासित प्रदेश
२०१९ में जब मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल ३७० को हटाया तो प्रदेश को बांट दिया गया। उस वक्त लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया। उस वक्त सरकार के पैâसले का सोनम वांगचुक ने स्वागत किया था। कुछ ही समय बाद यहां के लोगों ने यह मांग शुरू कर दी कि लेह-लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाए, ताकि यहां के लोगों के हितों की रक्षा हो और उनकी संस्कृति बची रहे।
