पीएम को अर्थव्यवस्था की सुध नहीं
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
अमेरिकी टैरिफ लगने और एच-१बी वीजा का शुल्क १ लाख डॉलर करने के बाद रुपया लगातार बर्बाद होता जा रहा है। दूसरी तरफ पीएम को अर्थव्यवस्था की सुध नहीं है, जिससे महंगाई और बेरोजगारी आसमान पर है। ताजा मामला रुपए में लगातार आती जा रही गिरावट का है। एक डॉलर के मुकाबले रुपया ने कल बुधवार को ८८.८० के निम्नस्तर को छू लिया।
विदेशी मुद्रा व्यापारियों के अनुसार, रुपया अपने ऑल टाइम लो के आसपास मंडरा रहा है, क्योंकि भारतीय वस्तुओं पर अमेरिका द्वारा बढ़ाए गए टैरिफ तथा अमेरिका द्वारा एच-१बी वीजा शुल्क में वृद्धि से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है। इसके अलावा निवेशकों की व्यापार नीति की अनिश्चितता ने भी रुपए के अवमूल्यन को और बढ़ा दिया है। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया ८८.८० पर खुला, जो पिछले बंद भाव से ७ पैसे की गिरावट दर्शाता है। बता दें कि एडीआर व अन्य रिपोर्ट्स के अनुसार २०१३-१४ में भाजपा को विभिन्न स्रोतों से करीब ५३ करोड़ का चंदा मिला था, जबकि इस वक्त २०२४-२५ में उसके पास करीब ७,००० करोड़ का फंड जमा हो चुका है।
८९ तक गिर सकता है रुपया
फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के ट्रेजरी प्रमुख और कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली के अनुसार, ‘इस सप्ताह हम ८९.०० के स्तर तक नई गिरावट देख सकते हैं, जिसके बाद आयातकों को डॉलर खरीदने में सक्षम बनाने के लिए एक पुलबैक देखा जा सकता है।’
