– नागरिकों का फूटा गुस्सा
– बोले, हमें मदद नहीं चाहिए, लेकर जाओ टेंपो
सामना संवाददाता / मुंबई
आम नागरिकों की पीड़ा और आंसुओं पर भारी प्रचार किया जा रहा है। अपनी राजनीति चमकाने के लिए उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने मदद किटों पर अपने चेहरे छापकर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस शर्मनाक हरकत से नागरिकों का गुस्सा फूट पड़ा है। वे कह रहे हैं कि हमें ऐसी मदद नहीं चाहिए, अपना टेंपो वापस लेकर जाओ। इस कृत्य के खिलाफ खुद भाजपा के मंत्री भी मैदान में कूद पड़े हैं। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि मदद के नाम पर ऐसी ओछी राजनीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनता के दर्द का मजाक नहीं बनाया जा सकता।
मराठवाड़ा में आसमानी संकट से आई तबाही में कई गांव प्रभावित हुए हैं। ऐसे में प्रभावितों को मदद देने के लिए उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और शिंदे गुट के मंत्री प्रताप सरनाईक मदद कर रहे हैं, लेकिन इस मदद वितरण में भी उनके प्रचार की झलक दिख रही है। बाढ़ग्रस्त नागरिकों को दी जा रही मदद किट पर एकनाथ शिंदे और प्रताप सरनाईक की तस्वीरें छापी गई हैं। ऐसे में आरोप लगाए जा रहे हैं कि सरकारी मदद के बजाय व्यक्तिगत प्रचार को बढ़ावा देने की यह कोशिश है। धाराशिव के ग्रामीण इस प्रचार से खफा नजर आए। पिछले तीन दिनों से कोई भी नागरिक यह मदद लेने के लिए नहीं आया। कुछ ने कहा कि हमें आपकी मदद नहीं चाहिए, अपना टेंपो लेकर जाओ।
यह वोट पाने का अवसर नहीं
मदद किट पर एकनाथ शिंदे और प्रताप सरनाईक की तस्वीरें होने पर महायुति में बड़े भाई भाजपा के मंत्री ने ही कड़ी आलोचना की। मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि कई लोग ऐसी तस्वीरें लगाते हैं, विरोधी जानते हैं कि क्या मदद की गई। मदद में प्रचार नहीं होना चाहिए। मुझे राजनीति नहीं करनी। यह वोट पाने का अवसर नहीं है। लोगों को सहायता देना हमारा काम है।
