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गोवंडी के मौलानाओं ने पंजाब व मराठवाड़ा बाढ़ पीड़ितों के लिए निकाली मदद रैली, जुटाई राहत राशि

सगीर अंसारी/मुंबई

पंजाब और महाराष्ट्र के मराठवाड़ा में आई विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए गोवंडी के मौलानाओं ने सड़कों पर उतरकर राहत अभियान शुरू किया। मौलाना अब्दुल रहमान ज़ियाई के नेतृत्व में निकाली गई इस मदद रैली में क्षेत्र के सभी प्रमुख मौलाना शामिल हुए।

उलेमा अहले सुन्नत वल जमात के प्रतिनिधि संगठन तहरीक-ए-उलेमा अहले सुन्नत ने गोवंडी के गली-गली जाकर आम लोगों से मदद की अपील की। संगठन ने बताया कि उनका उद्देश्य है कि गोवंडी और आसपास के क्षेत्रों से अधिकतम राहत राशि और सामग्री जुटाकर पंजाब और मराठवाड़ा के बाढ़ पीड़ितों तक पहुँचाई जाए।

संगठन के प्रमुख मौलाना कारी मुहम्मद तौफीक आज़मी और महासचिव मौलाना कारी अब्दुल रहमान ज़िया अपनी टीम के साथ मैदान में सक्रिय दिखे और लोगों से आह्वान किया कि संकट के इस समय जरूरतमंदों की मदद करना हमारा नैतिक और सामाजिक दायित्व है।

इससे पहले, संगठन ने कोकण क्षेत्र में आई बाढ़ के दौरान भी राहत अभियान चलाया था। उस समय उलेमाओं ने लगभग सात से आठ लाख रुपए मूल्य की राहत सामग्री और नकद राशि इकट्ठा कर प्रभावितों में वितरित की थी। उस प्रयास में भी गोवंडी के मौलानों ने अहम भूमिका निभाई थी।

उक्त इमदादी जलसे में हाफिज जुनैद रजा रशीदी मो, कारी मकबूल, दारुल उलूम अहले सुन्नत जिया अल-नबी, कारी गुलाम दस्तगीर रिज़वी, कारी अलाउद्दीन रिजवी सहित कई अन्य मौलाना मौजूद रहे। सभी ने राहत अभियान को गति देने के लिए उत्साह और जोश के साथ भागीदारी की।

मौलानों ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अब भी लाखों लोग संकट में हैं और तत्काल राहत की आवश्यकता है। इस अभियान के तहत गोवंडी और आसपास के लोग अपने घरों से निकलकर सहयोग दे रहे हैं। रैली में उपस्थित लोगों ने भी नकद, भोजन और अन्य आवश्यक सामग्री दान की।

संगठन ने आश्वासन दिया कि राहत कार्य लगातार जारी रहेगा और जो भी सामग्री और धनराशि जुटाई जाएगी, वह सीधे बाढ़ प्रभावित लोगों तक पहुंचेगी। इस अभियान से यह संदेश भी जाता है कि सामाजिक और धार्मिक संस्थान मुश्किल समय में हमेशा मानवता की मदद के लिए आगे आते हैं।

गोवंडी के मौलानों की यह पहल न केवल राहत कार्य में मददगार साबित हो रही है, बल्कि समाज में एकता और आपसी सहयोग की भावना को भी मजबूत कर रही है।

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