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मुस्लिम वर्ल्ड : अक्सा को छेड़ा तो कोई नहीं बचेगा!.. किंग अब्दुल्ला क्यों दे रहे ‘धर्म युद्ध’ की धमकी?

सूफी खान

अल अक्सा मस्जिद को टार्गेट करके इजरायल एक उकसाने वाली कार्रवाई कर रहा है जो आगे चलकर इजरायल के खिलाफ मुसलमानों की बहुत बड़ी जंग में तब्दील हो जाएगा और फिर इस जंग को कोई भी मुल्क रोक नहीं पाएगा। जी हां, मस्जिद ए अक्सा की निगरानी और इंतजामात देख रहे मुल्क की तरफ से ये बात सामने आई है। जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला सेकेंड ने एक बहुत बड़ी धमकी दी है इजरायल को वो भी यूनाइटेड नेशन्स के मंच से।
कतर पर हमले के बाद से अरब मुल्क इजरायल पर हमलावर हैं। इस बार इजरायल के खिलाफ सऊदी, तुर्की और मिस्र ने कूटनीतिक एक्शन लिए हैं, वहीं इजरायल का पड़ोसी और अब्राहम समझौते के तहत इजरायल से संबंध कायम करनेवाले जॉर्डन का रुख भी सख्त हो गया है। जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला की यूएन जनरल असेंबली में ये बात संजीदगी से ली जानी चाहिए, जिसमें वो कह रहे हैं कि येरुशलम में अल अक्सा मस्जिद वैंâपस में इजरायल की बढ़ती दखलंदाजी और एक खास साजिश कहीं धर्म युद्ध या जिहाद का कारण ना बन जाए, जिसे रोक पाना किसी भी देश के बस की बात नहीं होगी। उनका इशारा अमेरिका की तरफ था। गौरतलब है कि जॉर्डन १९६७ से इजरायल के येरुशलम पर कंट्रोल के बाद से मस्जिद अल अक्सा का संरक्षक है, मस्जिद के इंतजामात और हिफाजत की जिम्मेदारी जॉर्डन की शाही हुकूमत संभालती है। किंग अब्दुल्ला ना सिर्फ अक्सा के केयरटेकर हैं, बल्कि पैगंबर मोहम्मद साहब के वंश से आते हैं।
किंग अब्दुल्ला का कहना है कि येरुशलम में मुस्लिम और ईसाई पवित्र स्थलों में जबरन घुसकर अपनी इबादत करने की कोशिश की जाती है और मस्जिद ए अक्सा में ये कोशिश अक्सर की जाती है। जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला का इशारा इजरायली मंत्री इतामार बेन ग्विर की तरफ था। जो कई बार नियमों का उल्लंघन करते हुए अल अक्सा मस्जिद के परिसर में पहुंच गए और वहां अपनी प्रार्थना की। जबकि समझौते के तहत एक निश्चित सीमा तक ही यहूदियों को जाने की इजाजत है। येरुशलम में अल अक्सा मस्जिद को लेकर इजरायल और फिलिस्तीनियों में हमेशा से विवाद चलता रहा है और अब किंग अब्दुल्ला भी इसमें कूद पड़े हैं। उन्होंने अक्सा के लिए अंतहीन धर्म युद्ध की धमकी दे दी है। अल अक्सा का परिसर इस्लाम, ईसाई और यहूदी तीनों धर्मों के लिए बेहद अहम माना जाता है। मक्का मुनव्वरा और मदीना मुनव्वरा के बाद इस्लाम का तीसरा अहम मकाम है अल अक्सा वाली अल अक्सा मस्जिद, ईसाइयों का सबसे पुराना चर्च साथ ही यहूदियों की वेस्टर्न वॉल भी इसी प्रीमाइसेस में है जहां वो प्रेयर कर सकते हैं। येरुशलम में अल अक्सा मस्जिद की देखभाल जॉर्डन के जिम्मे है। मुसलमानों वाले हिस्से में जॉर्डन की फोर्सेस तैनात रहती है।
इस्लाम में इसे सबसे दूर की मस्जिद या बैतुल मुकद्दस के तौर पर जाना जाता है, मस्जिद अल अक्सा येरुशलम के पुराने शहर में है। मुसलमानों का मानना है कि पैगंबर मोहम्मद ने इसी जगह से अर्श का सफर तय किया था। जिस येरुशलम में अल अक्सा मस्जिद है, उसी शहर में कभी हजरत ईसा मसीह ने अपना पवित्र उपदेश दिया था। ऐसे में अक्सा के संरक्षक देश और इजरायल के करीबी जॉर्डन का ये बयान बेहद गंभीर माना जा सकता है। जो बताता है कि इजरायल के खिलाफ अरब दुनिया में भी माहौल बनने लगा है।

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