राधेश्याम सिंह
वसई। वसई-पश्चिम के दीनदयाल नगर में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब एक पुरानी इमारत के फ्लैट में अचानक छत का स्लैब गिर पड़ा। इस दुर्घटना में एक दंपत्ति गंभीर रूप से घायल हो गया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह स्लैब गिरने की आठवीं घटना है, इसके बावजूद इमारत को हाल ही में ‘सीटूबी’ यानी रहने योग्य प्रमाणपत्र दिया गया था। घटना दोपहर करीब 2:30 बजे की है।
मिली जानकारी के अनुसार, तिरुपति नामक 40 साल पुरानी इमारत की ‘बी विंग’ के फ्लैट नंबर 205 में यह हादसा हुआ। हादसे के समय फ्लैट में रह रहे सलीम विरानी और उनकी पत्नी मेरोनिसा विरानी हॉल में बैठे थे, तभी छत का स्लैब अचानक उनके ऊपर आ गिरा, इस घटना में मेरोनिसा विरानी के सिर में गंभीर चोट लगी है, जबकि सलीम विरानी के कंधे में चोट आई है। दोनों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। स्थानीय लोगों ने बताया कि तिरुपति इमारत में यह पहली बार नहीं, बल्कि पिछले कुछ वर्षों में आठ बार स्लैब गिरने की घटनाएं हो चुकी हैं। इसके बावजूद हाल ही में महानगर पालिका ने इस इमारत को ‘सीटूबी प्रमाणपत्र’ जारी किया गया था, जो प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है।
निवासियों ने आरोप लगाया है कि वसई-विरार क्षेत्र में कई जर्जर इमारतें आज भी खतरनाक स्थिति में हैं। लेकिन प्रशासन तब तक जागता नहीं जब कोई बड़ा हादसा न हो जाए । स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वे हर दिन डर के साए में जीने को मजबूर हैं।“ सुबह होती है और पता नहीं पता होता कि शाम तक क्या हो जाएगा। मनपा को चाहिए कि ऐसी इमारतों पर तुरंत कार्रवाई करे, वरना एक दिन कोई बड़ा हादसा हो सकता है। अब बड़ा सवाल यही है – जब इमारत पहले ही खस्ताहाल थी और पहले भी हादसे हो चुके थे, तो आखिर किस आधार पर इसे रहने योग्य मनपा द्वारा घोषित किया गया? क्या प्रशासनिक लापरवाही की कीमत आम लोगों की जान से चुकाई जाएगी ?
