अरविंद चित्रांश का सम्मान हुआ
आजमगढ़ : कोदंड सिद्ध मंत्रों से अभिमंत्रित धनुष, रामराज्य की स्थापना, धर्म, न्याय, सेवा, शक्ति एवं आत्मविश्वास का प्रतीक है। यह उद्गार लक्ष्य इंटरनेशनल के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिल्ली के एल के आनंद ने एक विशेष कार्यक्रम में अरविंद चित्रांश को सम्मानित करते हुए व्यक्त किए। बता दें कि इस कार्यक्रम में आजमगढ़ निवासी, गौरवशाली पूर्वांचल के प्रधान संपादक एवं प्रभारी, अंतरराष्ट्रीय भोजपुरी संगम, भारत के अंतरराष्ट्रीय ऑर्गेनाइजर एवं प्रमुख समाजसेवी अरविंद श्रीवास्तव “चित्रांश” को शक्ति, सेवा और आत्मविश्वास का प्रतीक राम की शक्ति कोदंड धनुष की अनुकृति भेंट कर सम्मान किया गया। आनंद ने यह भी कहा कि कोदंड धनुष- धर्म की रक्षा करने की क्षमता और सत्य के प्रतीक के रूप में कार्य करता था। यह धनुष केवल एक हथियार नहीं था, बल्कि यह श्री राम के शासन और न्याय के सिद्धांतों का प्रतिनिधित्व करता था।
पूर्वांचल के प्रमुख समाजसेवी एवं लोककला संरक्षक अरविंद चित्रांश ने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोदंड महोत्सव और हर घर में शक्ति, सेवा और आत्मविश्वास का प्रतीक कोदंड का एक प्रतीकात्मक चित्र रहना चाहिए, जिससे सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होगी। बहुत कम लोगों को मालूम होगा कि भगवान राम के धनुष का नाम कोदंड था इसीलिए प्रभु श्रीराम को कोदंड कहा जाता था। कोदंड एक चमत्कारिक धनुष था जिसे हर कोई धारण नहीं कर सकता था। कोदंड नाम से भिलाई में एक राम मंदिर भी है जिसे ‘कोदंड रामालयम मंदिर’ कहा जाता है। श्रीराम चरित मानस में उल्लेख है कि देखि राम रिपु दल चलि आवा। बिहसी कठिन कोदण्ड चढ़ावा। अर्थात शत्रुओं की सेना को निकट आते देखकर श्रीरामचंद्रजी ने हंसकर कठिन धनुष कोदंड को चढ़ाया।
