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जैन बोर्डिंग हाउस भूमि विवाद पर सियासत गर्म …केंद्रीय मंत्री पर ‘जमीन चोरी’ का आरोप!-कटघरे में मुरलीधर मोहोल

– सुप्रिया सुले ने की सौदे पर रोक लगाने की मांग
– मंत्री मोहोल ने सारे आरोपों को बताया गलत
रामदिनेश यादव / मुंबई
महायुति सरकार के राज में तमाम जमीन को बिल्डरों की झोली में डाला जा रहा है। अब पुणे में जैन बोर्डिंग हाउस की जमीन की कथित अवैध बिक्री को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म है। इस मामले में आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। जैन बोर्डिंग हाउस की जमीन गोखले कंस्ट्रक्शन कंपनी को बेची गई थी और आरोप लगाया गया कि सांसद व केंद्रीय राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल की इसमें भागीदारी है। हालांकि, भाजपा की ओर से कहा गया है कि मोहोल और गोखले कंपनी का कोई संबंध नहीं है और इस बात के कागजी प्रमाण भी प्रस्तुत किए गए हैं।
‘सौदे से कोई संबंध नहीं’
अपने ऊपर लगे आरोपों के बाद अब मुरलीधर मोहोल ने मीडिया से बात करते हुए सफाई दी और कहा कि इस सौदे से उनका कोई संबंध नहीं है। उन्होंने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
भूमि की अवैध बिक्री मामले में फंसे भाजपा नेता!
शिंदे गुट के पूर्व विधायक ने सोशल मीडिया पर खोला काला चिट्ठा
केंद्रीय राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल भूमि विवाद में फंस गए हैं। उनके ऊपर जैन बोर्डिंग हाउस की जमीन की अवैध बिक्री में शामिल होने का आरोप लगा है। पूर्व विधायक व शिंदे गुट के नेता रवींद्र धंगेकर ने सोशल मीडिया पर इससे जुड़े मामले को साझा किया है। धंगेकर ने केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल को निशाने पर लिया है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि युवा कांग्रेस ने इस घोटाले का पर्दाफाश किया है और इस सौदे में केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल का सीधा संबंध सामने आया है। सपकाल ने आरोप लगाया कि इस जमीन के सौदे में धर्मादाय आयुक्त कार्यालय से तत्काल अनुमति दी गई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि धर्मादाय आयुक्त और मुख्यमंत्री के बीच गहरे संबंध हैं। इसके अलावा, बैंक ने भी सिर्फ एक ही दिन में ऋण स्वीकृत कर दिया, जो इस लेन-देन की संदिग्ध प्रकृति को साबित करता है। मुरलीधर मोहोल भ्रष्ट तरीकों से धन कमाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन पुणे की इस जमीन का सौदा रद्द होना चाहिए। इसी बीच इस मामले पर सांसद सुप्रिया सुले ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस जमीन की खरीद-बिक्री के सौदे पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है और सवाल उठाया कि आखिर इस सौदे से किसका हित साधा जा रहा है? इसकी जांच होना जरूरी है। किसान नेता राजू शेट्टी ने भारतीय जनता पार्टी के सांसद और केंद्रीय राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल को पद से हटाने की मांग की है।
१९५८ में ट्रस्ट ने खरीदी थी जमीन
वर्ष १९५८ में सेठ हीराचंद नेमचंद स्मारक ट्रस्ट ने पुणे में सार्वजनिक धर्मार्थ न्यास के अंतर्गत जैन बोर्डिंग हाउस की जमीन खरीदी थी। उस खरीददारी के दस्तावेज में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि यह जमीन शैक्षणिक और धार्मिक कार्यों के लिए ली गई है और इसे उसी उद्देश्य के लिए स्थायी रूप से उपयोग किया जाना चाहिए। लेकिन अब  इस जमीन को बेचकर उस मूल उद्देश्य से विश्वासघात किया जा रहा है। यह अत्यंत चिंताजनक बात है।

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