सामना संवाददाता / मुंबई
बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी ने पुलिस द्वारा उनके खिलाफ दायर ६० करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के मामले को खारिज करने के लिए मुंबई हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अपने पति राज कुंद्रा के साथ शिल्पा ने अदालत से यह भी अनुरोध किया है कि उनकी याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान पुलिस को उनके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल करने और दंडात्मक कार्रवाई करने से रोका जाए।
इस मामले की सुनवाई सोमवार को मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति गौतम अंखड की पीठ ने की। अदालत ने दंपति को अपनी याचिका की प्रतियां शिकायतकर्ता दीपक कोठारी को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है और अगली सुनवाई २० नवंबर के लिए निर्धारित की है।
पैसे ऐंठने के लिए दर्ज की गई ‘एफआईआर’!
बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी ने धोखाधड़ी के मामले में अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने के लिए हाई कोर्ट से गुहार लगाई है। अपने बचाव में दंपति ने दावा किया कि ‘एफआईआर झूठे और विकृत तथ्यों के आधार पर दर्ज की गई थी और यह पैसे ऐंठने के गुप्त और दुर्भावनापूर्ण इरादे से दर्ज की गई है। बता दें कि शिल्पा और उनके पति राज कुंद्रा के खिलाफ दीपक कोठारी ने ६० रोड़ रुपए धोखाधड़ी की शिकायत की है। कोठारी ने आरोप लगाया है कि २०१५ से २०२३ के बीच दंपति ने उन्हें अपनी कंपनी बेस्ट डील टीवी प्राइवेट लिमिटेड में ६० करोड़ रुपए निवेश करने के लिए राजी किया, लेकिन इस धन का इस्तेमाल निजी लाभ के लिए किया। शेट्टी ने अलग से कहा कि कंपनी के दैनिक कार्यों में उनकी न्यूनतम भागीदारी थी और वे सीमित समय के लिए ही इससे जुड़ी थीं।
‘पुलिस को रोका जाए’
दंपति ने अदालत से अनुरोध किया है कि जब तक उनकी याचिका पर विचार किया जा रहा है, तब तक एफआईआर को रद्द किया जाए तथा पुलिस को आरोपपत्र दाखिल करने या उनके खिलाफ कोई भी दंडात्मक कार्रवाई करने से रोका जाए।
