मुख्यपृष्ठनए समाचारशिवसेना पक्ष और प्रतीक पर आज से अंतिम सुनवाई!

शिवसेना पक्ष और प्रतीक पर आज से अंतिम सुनवाई!

सामना संवाददाता / नई दिल्ली

तीन साल पहले शिंदे गुट की बगावत के चलते महाराष्ट्र में जो सत्ता संघर्ष शुरू हुआ था, उसकी अंतिम सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में बुधवार से शुरू होने जा रही है। इस दौरान यह तय किया जाएगा कि शिवसेना पक्ष और धनुष-बाण का चुनाव चिह्न किसका है? इस मुद्दे पर अदालत अंतिम बहस सुनेगी। शिंदे गुट को शिवसेना नाम और धनुष-बाण प्रतीक इस्तेमाल करने की अनुमति देने वाले चुनाव आयोग के निर्णय को शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इस मामले में दाखिल की गई मूल याचिका और अंतरिम आवेदन पर न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमल्या बागची की खंडपीठ सुनवाई करेगी। इस सुनवाई की ओर महाराष्ट्र सहित पूरे देश का ध्यान लगा हुआ है।
शिवसेना से गद्दारी कर बाहर निकले शिंदे गुट को शिवसेना नाम और धनुष-बाण चुनाव चिह्न इस्तेमाल करने की मंजूरी केंद्रीय चुनाव आयोग ने दी थी। उद्धव ठाकरे ने इस निर्णय को पूर्णत: असंवैधानिक और पक्षपाती बताया है और मांग की है कि चुनाव आयोग का आदेश रद्द किया जाए।
पिछले तीन वर्षों से लंबित यह मामला अब महाराष्ट्र में स्थानीय निकायों के चुनावों से पहले निपटाने के लिए अदालत तैयार हो गई है। अदालत ने पिछले महीने ही कहा था कि हम यह मामला स्थानीय निकाय चुनावों से पहले अंतिम रूप से निपटाने के लिए तैयार हैं। खंडपीठ ने आवश्यक होने पर लगातार सुनवाई करने की भी घोषणा की थी। ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि जल्द ही इस प्रकरण का पैâसला आ सकता है और शिवसेना को न्याय मिल सकता है।
‘गद्दार’ विधायकों की पात्रता पर भी सुनवाई
शिवसेना के नाम और चिह्न से जुड़े इस मामले के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट शिंदे गुट के घाती विधायकों की पात्रता पर भी सुनवाई करेगा। विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने शिवसेना से धोखा करने वाले शिंदे गुट के विधायकों को अपात्र ठहराने के बजाय पात्र माना था। इस निर्णय को चुनौती देते हुए शिवसेना के मुख्य सचेतक विधायक सुनील प्रभु ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।

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