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पालने में ही दिखने लगे थे पूत के पांव… ३ साल की उम्र में ही पार्थ ने हथिया ली थी ३ एकड़ भूमि!

– अजीत पवार ने बेटे के नाम पर ली थी

-वह जमीन भी महार समाज की ही थी

सामना संवाददाता / मुंबई

पुणे में १,८०० करोड़ रुपए मूल्य की महार समाज की जमीन मात्र ३०० करोड़ में हड़पने वाले उप मुख्यमंत्री अजीत पवार के बेटे पार्थ पवार को बचपन से ही भूखंड हथियाने की आदत है। जी हां, जब पार्थ पवार तीन साल के थे, तब ही इसी समाज की तीन एकड़ जगह उनके नाम हो गई थी। असल में अजीत पवार ने अपनी पत्नी सुनेत्रा पवार के साथ मिलकर वह ३ एकड़ जमीन बेटे के नाम की थी। इस खबर के उजागर होते ही अजीत पवार और उनके पुत्र पार्थ पवार एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं।
एक सामाजिक कार्यकर्ता ने फेसबुक पर एक पोस्ट लिखकर दोनों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सामाजिक कार्यकर्ता हाके ने दावा किया कि बच्चे अपने माता-पिता से ही संस्कार सीखते हैं। जब पार्थ पवार दो-तीन साल के थे, तभी उनके पिता अजीत पवार और माता सुनेत्रा पवार ने बारामती के सोनगांव गांव की ३ एकड़ महार समाज की जमीन अपने कब्जे में लेकर पार्थ पवार के नाम पर कर दी थी। इस पर कांग्रेस ने तीखा व्यंग्य करते हुए लिखा कि पालने में ही दिख जाते हैं पूत के पांव, मात्र ३ साल की उम्र में ही पार्थ ने हथिया ली थी ३ एकड़ भूमि!
‘सत्ता का दुरुपयोग और सामाजिक अन्याय’
इस बारे में कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा कि बारहखड़ी सीखने की उम्र में पार्थ पवार को ‘जमीनों की खरीद-फरोख्त की कला’ सिखाई गई। आरोप लगाया कि अजीत पवार ने सत्ता के प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए यह जमीन गरीब महार समाज से छीन ली और बेटे के नाम पर हस्तांतरित कर दी। उनके मुताबिक, यह मामला केवल जमीन हड़पने का नहीं, बल्कि सत्ता के दुरुपयोग और सामाजिक अन्याय का प्रतीक है। यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को लेकर सरकार और अजीत पवार गुट पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। दूसरी ओर, अजीत पवार गुट की ओर से अब तक इस आरोप पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।

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