सामना संवाददाता / कल्याण
कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका चुनाव 2025 को लेकर मंगलवार को बड़ा ऐलान हुआ। आगामी चुनावों के लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, मागासवर्गीय (ओबीसी) और महिला वर्ग के आरक्षण को लेकर लॉटरी प्रक्रिया कल्याण (पश्चिम) के आचार्य अत्रे रंगमंदिर में संपन्न हुई। इस दौरान महापालिका आयुक्त अभिनव गोयल की अध्यक्षता में अतिरिक्त आयुक्त योगेश गोडसे, नगर रचना विभाग के सहायक संचालक तथा सचिव किशोर शेलके की प्रमुख उपस्थिती रही। जैसे ही अलग-अलग प्रभागों के आरक्षण की घोषणा हुई, सभागार में कभी खुशी, तो कहीं निराशा और आक्रोश के स्वर सुनाई दिए। कई पुराने प्रभावशाली नेताओं के “सेफ” वार्ड आरक्षण की वजह से बदल जाने से राजनीतिक समीकरण भी पूरी तरह बदल गए।
इस बार कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका में कुल 122 सदस्य चुने जाएंगे। चुनाव बहु-सदस्य प्रभाग पद्धति से होंगे, जिसमें कुल 31 प्रभाग हैं-इनमें से 2 प्रभाग तीन सदस्यीय और 29 प्रभाग चार सदस्यीय रहेंगे। कुल सीटों में से 12 सीटें अनुसूचित जाति, 3 सीटें अनुसूचित जनजाति, 32 सीटें मागासवर्गीय (ओबीसी) और 75 सीटें सर्वसाधारण वर्ग के लिए आरक्षित की गई हैं। इनमें से 61 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं, जिनमें 6 अनुसूचित जाति (महिला), 2 अनुसूचित जनजाति (महिला), 16 मागासवर्गीय (महिला) और 37 सर्वसाधारण (महिला) सीटें शामिल हैं। इस व्यापक महिला आरक्षण के चलते स्थानीय राजनीति में महिला नेतृत्व को बड़ी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
महापालिका प्रशासन ने जानकारी दी कि यह पूरी आरक्षण प्रक्रिया राज्य निर्वाचन आयोग की मंजूरी के लिए भेजी जाएगी। आयोग की स्वीकृति मिलने के बाद 17 नवंबर 2025 को आरक्षण का प्रारूप जारी किया जाएगा। नागरिकों को 17 नवंबर से 24 नवंबर 2025 के बीच अपनी आपत्तियां या सुझाव सीधे चुनाव विभाग या मुख्यालय में प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाएगा। इस कार्यक्रम का संचालन चुनाव विभाग के उपायुक्त समीर भूमकर ने किया। आरक्षण लॉटरी के बाद अब शहर की राजनीति में नए समीकरण बनने लगे हैं, जहां कुछ चेहरे निराश हैं, वहीं महिलाओं के लिए यह चुनाव नई संभावनाओं के द्वार खोल रहा है।
