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भाजपा सरकार के वादों की हकीकत… कचरे से जूठन बीनकर खाने को मजबूर मासूम!

-कांग्रेस ने साधा मोहन सरकार पर निशाना

सरकार भले ही करोड़ों रुपए की योजनाओं से भूख मिटाने और पोषण सुधारने के दावे करती हो, लेकिन विदिशा से सामने आई एक तस्वीर ने इन वादों की हकीकत उजागर कर दी है। शहर के बीचों-बीच सड़क किनारे एक मासूम बच्ची कचरे में पड़ा बचा हुआ खाना खाती हुई नजर आई। यह दृश्य न केवल भावनाओं को झकझोर देने वाला है, बल्कि व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है।
यह घटना विदिशा जिला मुख्यालय से कुछ सौ मीटर की दूरी पर घटित हुई। वीडियो में मासूम बच्ची झूठन और बासी खाने के टुकड़े ढूंढते हुए दिख रही है। वीडियो सामने आने के बाद यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और राजनीतिक हलकों में भी हड़कंप मच गया है।
एमपी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा है कि मुख्यमंत्री जी ये घटना बेहद दुखद और शर्म का विषय है। मध्य प्रदेश में कहीं बच्चों को अखबार पर मिड डे-मील परोसा जाता है, तो कहीं कचरे में एक बेटी खाना ढूंढ़ रही है। मुख्यमंत्री को भाषणबाजी करने के बजाय प्रदेश की वास्तविक स्थिति पर चिंतन करना चाहिए। उन्होंने लिखा है कि शिवराज जी देखिए मोहन एमपी की भांजी और बेटी कचरे से झूठन खाने को मजबूर है।
प्रशासन की कार्यशैली पर उठे सवाल
इस घटना ने जिला प्रशासन की लापरवाही को भी उजागर कर दिया है। कलेक्ट्रेट से महज कुछ दूरी पर ऐसी तस्वीर सामने आना यह दर्शाता है कि व्यवस्था आम जनता से कितनी दूर हो चुकी है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली बार नहीं है, शहर के कई इलाकों में गरीबी और भुखमरी की ऐसी स्थिति अक्सर देखने को मिलती है, लेकिन सिस्टम की नजर कभी वहां तक नहीं पहुंचती।

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