-सालभर करता रहा सरकारी नौकरी
उत्तराखंड के रुद्रपुर से एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां फर्जी दस्तावेजों के जरिए एक प्रâॉड मास्टर साहब ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड राज्य सरकारों को ठगकर न केवल सरकारी नौकरी हासिल कर ली, बल्कि वो साल भर सरकार से तनख्वाह भी लेता रहा। आरोपी मास्टर साहब यूपी का बताया जा रहा है, जो उत्तराखंड शिक्षा विभाग में सरकारी शिक्षक की नौकरी कर रहा था।
उत्तराखंड शिक्षा विभाग में फर्जी दस्तावेजों के सहारे नौकरी करनेवाले एक सहायक अध्यापक को इसलिए निलंबित कर दिया गया क्योंकि आरोपी शिक्षक ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड दोनों राज्यों से निवास एवं ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र बनवाकर सरकारी नौकरी हासिल कर ली थी। आरोपी शिक्षक शोभित सिंह मूलरूप से यूपी के रामपुर का रहनेवाला है, जिसने सालभर सरकारी सिस्टम को ठगा। निलंबित शिक्षक शोभित सिंह की नियुक्ति पिछले वर्ष बाजपुर क्षेत्र के हरसान राजकीय प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर हुई थी। प्रथमदृष्ट्या जांच में उसके दस्तावेज फर्जी पाए गए। इस पर जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) हरेंद्र कुमार मिश्रा ने उसे निलंबित करने के आदेश जारी किए।
ठगी के जरिए हासिल की नौकरी
डीईओ मिश्रा ने बताया कि बीते वर्ष शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया के दौरान ऊधमसिंह नगर जिले में ३०९ पद स्वीकृत हुए थे, जिनमें से २५६ अभ्यर्थियों की नियुक्ति की गई थी। जांच में सामने आया है कि करीब ४० अभ्यर्थियों ने दो राज्यों से निवास और ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र बनवाकर नौकरी प्राप्त की है। ऐसे सभी शिक्षकों को नोटिस जारी किए गए हैं और अभिलेखों की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि शैक्षिक मूल अभिलेखों की जांच प्रक्रिया अभी जारी है और जांच में दोषी पाए जाने वाले अन्य शिक्षकों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
