मुख्यपृष्ठटॉप समाचारआतंकियों का अगला टारगेट... मास रिसिन अटैक!... आतंकी डॉक्टर ने पूछताछ में...

आतंकियों का अगला टारगेट… मास रिसिन अटैक!… आतंकी डॉक्टर ने पूछताछ में किया खुलासा

– बनाया जा रहा था अरंडी के बीजों से घातक जहर

-अमदाबाद, हैदराबाद और दिल्ली की हुई थी रेकी

सामना संवाददाता / नई दिल्ली

दिल्ली टेरर अटैक ने पूरे देश को दहला दिया है। मगर इससे भी खौफनाक बात यह है कि इन आतंकियों का अगला टारगेट मास ‘रिसिन’ अटैक था। पिछले कुछ दिनों में टेरर लिंक में पकड़े गए एक डॉक्टर आतंकी ने यह खुलासा किया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अहमद मोहियुद्दीन सैयद नाम का यह डॉक्टर आतंकी अरंडी के बीजों से ‘रिसिन’ नामक घातक जहर तैयार कर रहा था। यह एक तरह का रासायनिक हथियार है। इस आतंकी ने अमदाबाद, लखनऊ और दिल्ली के संवेदनशील स्थलों की रेकी भी की थी।
इस मामले में जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, पूरे नेटवर्क का लिंक दिल्ली, फरीदाबाद और श्रीनगर तक पैâला हुआ है। फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी के एक हिस्से से भी पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले हैं। जांच एजेंसियों ने यहां से रासायनिक पदार्थों, टाइमर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के कुछ हिस्से जब्त किए हैं। फिलहाल ये जांच का विषय है कि इन चीजों का इस्तेमाल किसी मेडिकल प्रोजेक्ट के लिए हुआ था या किसी और मकसद से।
भारी मात्रा में हथियार जप्त
एक और डॉक्टर का नाम सबसे ज्यादा सुर्खियों में है। यह है डॉ. साजिद अहमद माला। जम्मू के रहने वाले साजिद को हाल ही में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। इसके पास से भी भारी मात्रा में हथियार और बारूद मिला है।
चीन से पढ़ा है आतंकी
७ नवंबर को ही गुजरात एटीएस ने अहमद मोहियुद्दीन सैयद नाम के डॉक्टर को पकड़ा था। यह डॉक्टर हैदराबाद का रहने वाला है और चीन से पढ़ाई कर चुका है। जांच में पता चला कि वह ‘रिसिन’ नाम के बेहद घातक जहर बनाने की तैयारी कर रहा था, जो अरंडी के बीजों से बनता है।
शिक्षितों को बनाया जा रहा है टेररिस्ट!
पिछले कुछ दिनों से सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस ने कई शिक्षित आतंकियों को पकड़ा है। असल में ये पढ़े-लिखे आतंकी आतंक पैâलाने के नए तरीके ईजाद करते हैं। इसके अलावा इन शिक्षित युवाओं का इस्तेमाल लॉजिस्टिक और सप्लाई चेन संभालने के लिए किया जाता है।
गत ७ नवंबर को ही गुजरात एटीएस ने अहमद मोहियुद्दीन सैयद नाम के डॉक्टर को पकड़ा था। यह डॉक्टर हैदराबाद का रहने वाला है। जांच में पता चला कि वह ‘रिसिन’ नाम के बेहद घातक जहर बनाने की तैयारी में था। एक और डॉक्टर का नाम सबसे ज्यादा सुर्खियों में है। यह है डॉ. साजिद अहमद माला। जम्मू के रहने वाले साजिद को हाल ही में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
उसने दिल्ली के आजादपुर मंडी, अमदाबाद के नरोडा प्रâूट मार्वेâट और लखनऊ के संवेदनशील व भीड़भाड़ वाली जगहों की कई महीनों तक रेकी की थी। साजिद पर आरोप है कि वह उस मॉड्यूल से जुड़ा हुआ था, जिसकी कड़ी दिल्ली ब्लास्ट से जुड़ती दिखाई दे रही है। लेकिन इस गिरफ्तारी ने जितनी हलचल सुरक्षा एजेंसियों में मचाई है, उतनी ही हैरानी उसके परिवार और परिचितों में भी है। डॉ. साजिद की दो दिन पहले ही शादी हुई थी। बत्रा मेडिकल कॉलेज, जम्मू से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद डॉ. साजिद ने हाल ही में फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में सीनियर रेजिडेंट के तौर पर काम शुरू किया था। सब कुछ सामान्य चल रहा था नई नौकरी, नई जिम्मेदारियां और दो दिन पहले हुई शादी की खुशियां। परिवार के मुताबिक, शादी के बाद साजिद के परिवार वाले घर के दरवाजे पर तैनात पुलिस वालों के साये में हैं।
धमाके से पहले के घटनाक्रम में सबसे पहले अनंतनाग में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने डॉ. आदिल अहमद राठर को गिरफ्तार किया। वह अनंतनाग मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर था और उसके लॉकर से पुलिस को एके-४७ राइफल मिली थी। राठर का संबंध जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवात-उल-हिंद से पाया गया।
पकड़ा गया कश्मीरी डॉक्टर
१० नवंबर को फरीदाबाद से डॉ. मुजम्मिल शकील नाम का कश्मीरी डॉक्टर पकड़ा गया। वह भी अल-फलाह यूनिवर्सिटी में पढ़ाता था। उसके पास से ३६० किलो अमोनियम नाइट्रेट मिला, जो बम बनाने में इस्तेमाल होता है। फिर उसके दूसरे ठिकाने से २,५६३ किलो विस्फोटक बरामद किया गया। फरीदाबाद पुलिस ने बताया कि शकील का संबंध जैश जैसे प्रतिबंधित संगठनों से है और वह भी पहले श्रीनगर में आतंकी पोस्टर लगाने में शामिल रहा था। उसकी पहचान अनंतनाग में पकड़े गए आदिल अहमद राठर से मिली जानकारी के बाद हुई।
महिला डॉक्टर भी शामिल
एक गिरफ्तारी ७ नवंबर को हरियाणा के फरीदाबाद से हुई। यहां अल-फलाह यूनिवर्सिटी में ही कार्यरत लखनऊ की एक महिला डॉक्टर शाहीन शाहिद की कार से ‘वैâरोम कॉक’ नाम की असॉल्ट राइफल मिली। पुलिस अभी यह पता लगाने में जुटी है कि उसका इस पूरी नेटवर्क में क्या रोल था? फिलहाल उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।

अन्य समाचार